मतदान में देरी और फिर मतपत्र निरस्त करने पर चुनाव अधिकारी अमित भार्गव को भाजपाइयों ने धमकाया। चुनाव अधिकारी का चश्मा छीना और फिर बोल-बोलकर बयान दिलाया। भ्रष्ट बताकर धांधलेबाजी के आरोप लगाए गए। नियमावली के बारे में चुनाव अधिकारी ने भाजपाइयों को बताने का प्रयास किया लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। भाजपाइयों ने यह तक कहा कि अधिकारी शहर को बर्बाद कर रहे हैं।
भाजपाइयों द्वारा चुनाव अधिकारी से बदसलूकी करने को लेकर विपक्ष के पार्षदों में आक्रोश है। मतदान प्रक्रिया में देरी होने पर राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने चुनाव अधिकारी को कहा है कि गनीमत है कि सरकार हमारी है, अन्यथा हम मेज तक पलट देते हैं।
इसी दौरान कांग्रेस महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा ने कहा कि यह काम हम कर सकते हैं। भाजपा और कांग्रेस नेता ने चुनाव अधिकारी को खूब सुनाई। मतदान केंद्र में अंदर घुसकर भाजपा नेताओं ने चुनाव अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर चुनाव की पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठा दिए।
ये बोले चुनाव अधिकारी
पार्षदों की मौजूदगी में चार मतपत्र अवैध घोषित किए गए हैं। महापौर और भाजपा नेताओं ने विविध राय लेने की बात कही है जोकि संभव नहीं है। नगर आयुक्त को बुलाया गया। महापौर ही कार्यकारिणी के सभापति हैं। उनके निर्देश पर कार्यकारिणी चुनाव को स्थगित किया गया है।
- अमित भार्गव, चुनाव अधिकारी एवं मुख्य लेखा नगर परीक्षक