मुलायम सिंह यादव का मेरठ से खास लगाव रहा। अपनी चुनावी जनसभाओं के मंच से उन्होंने न जाने कितनी ही बार मेरठ का नाम लिया। मलियाना कांड के दौरान मुलायम सिंह यादव काफी समय मेरठ में रहे इसको उन्होंने नजदीक से समझा।
मेरठ के नेता महाराज सिंह भारती ने तय किया था पहली बार मेरा टिकट। मुलायम सिंह यादव ने मंच से कई बार कही थी यह बात। मलियाना कांड के बाद आए थे मेरठ। कुए में पड़े हुए शवों को भी निकलवाया था। बदबू के बावजूद काफी देर खड़े रहे। इसके बाद लखनऊ में मंच से भी यह बात कही।
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मेरठ से रहा गहरा नाता, बहुत बार आए मेरठ
सपा नेता अब्बास और एमएलसी सरोजनी अग्रवाल की बेटियों की शादी में भी आए। 48 साल से मुलायम सिंह से जुड़े हुए सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह का कहना है कि नेताजी जिससे एक बार मिल लेते थे। उसे भूलते नहीं थे बहुत ही जमीन से जुड़े नेता थे।
मुलायम सिंह यादव के नाम पर मेरठ में एक मेडिकल कॉलेज का भी निर्माण कराया गया था। हालांकि अब उसका नाम बदल दिया गया है। 13 दिसंबर 1989 को पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद मेरठ आए थे मुलायम सिंह यादव। तत्कालीन राष्ट्रपति मेरठ आ रहे थे उनके प्रोटोकॉल के लिए मेरठ आए थे।
किसानों की राजधानी सिसौली में कई कार्यक्रमों में हुए शामिल
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में मुलायम सिंह यादव कई बार निजी एवं सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। मुख्यमंत्री रहने के दौरान चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के बुलावे पर वह किसानों की राजधानी सिसौली पहुंचे और किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की थीं। मुजफ्फरनगर में यह उनकी सबसे बड़ी सभा थी। इसके अलावा फुगाना क्षेत्र के खरड़ गांव स्थित किसान इंटर कॉलेज में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा का अनावरण करने के लिए भी यहां पहुंचे थे। यहां पर उन्होंने रागिनी कलाकारों को भी सम्मानित किया था।