कोतवाली पुलिस ने नईम हत्याकांड के मुकदमे की नींव कमजोर खड़ी कर दी। 120 बी के मुल्जिमों पर भी पुलिस ने धारा 302 के तहत मुकदमा कायम किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ पुलिस के पास मजबूत साक्ष्य भी नहीं है। इससे अंदेशा है कि पहली सुनवाई में ही मामला कोर्ट में कमजोर हो जाएगा। पुलिस ने फौरी कार्रवाई करके पल्ला झाड़ा है।
पुलिस के मुताबिक नईम गाजी की हत्या अभिषेक शर्मा उर्फ हैप्पी, दीपक शर्मा और रमाशंकर ने की है। जबकि साजिश में आनंद शर्मा, सरला, करिश्मा और विशाल शामिल थे। मुकदमे की नींव मजबूत करने के लिए पुलिस को साजिश करने वाले आरोपियों पर 120 बी की धारा लगानी चाहिए थी। पुलिस ने ऐसा नहीं किया। पुलिस ने सातों नामजद आरोपियों पर एक जैसी धारा 302 (हत्या) और 201 (साक्ष्य छुपाना) लगाकर इस मुकदमे में खानापूर्ति कर दी। पुलिस की विवेचना पर सवाल उठने लाजिमी है। पुलिस ने मुकदमे में जिक्र किया है कि हैप्पी, दीपक और रमाशंकर ने मर्डर किया है। इस दौरान बीमार 70 साल के बुजुर्ग आनंद शर्मा और उनकी पत्नी सरला घर में मौजूद थे। वरिष्ठ अधिवक्ता अमित दीक्षित का कहना है कि मुकदमे में आरोपी आनंद के बीमार होने का जिक्र है, सवाल उठता है कि बीमार व्यक्ति इतना जघन्य अपराध कैसे कर सकता है? केस में नईम की हत्या की सभी आरोपियों ने एक साथ बैठकर प्लानिंग बनाने की बात लिखी गई है।
गैंगस्टर और संपत्ति जब्त की तैयारी?
एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने बताया कि नामजद सभी आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। आनंद शर्मा और हैप्पी की संपत्ति भी जब्त की जाएगी। पुलिस ने आनंद के घर से कटर, लोहे की रॉड और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज बरामद की है। एसएसपी के अनुसार आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस से पास पुख्ता सुबूत है। गैंगस्टर के बाद रासुका की कार्रवाई भी होगी।