नागरिकता संशोधन कानून का विरोध के बाद भाजपा जिले में परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन कर रही है। लगातार दूसरे दिन जैन नगर स्थित गुरु खूब सत्संग भवन में परिचर्चा कार्यक्रम हुआ। यहां सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने लोगों से शहर में शांति बनाए रखने और कानून का स्वागत करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में अब ढाई प्रतिशत हिंदू बचे हैं, जो पहले 22 प्रतिशत थे। इन देशों में धर्म के आधार पर उत्पीड़न होता रहा, लेकिन किसी भी सरकार ने यह कानून नहीं बनाया। उन्होंने बताया कि नागरिकता संशोधन कानून के तहत अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के चलते भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान है। सही मायनों में यह कानून 1950 में बन जाना चाहिए था। बिल का लोकसभा में भी कई लोगों ने विरोध किया, वही लोग अब भी इसका विरोध करा रहे हैं।
इस कानून का समर्थन पहले ही श्यामा प्रसाद मुखर्जी, महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू ने किया था। वहीं, वर्ष 2003 में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी संसद में इस कानून को बनाने के लिए अपनी राय दी थी। अब ये फैसला जब देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है तो इसका स्वागत करना चाहिए। इस मौके पर दर्शन लाल अरोड़ा, संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता, भाजपा महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल, सुनील अग्रवाल, हर्ष गोयल, धनंजय जैन आदि मौजूद रहे।