सहारनपुर। सांसद इमरान मसूद ने बिजली उत्पादन, लागत, कोयला आयात के प्रभाव और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के संबंध में संसद में प्रश्न पूछा।
संसदीय कार्य प्रभारी विपिन जैन ने बताया कि सांसद की ओर से पूछे गए सवाल का जवाब का केंद्रीय विद्युत राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने दिया। जवाब में बताया कि मार्च 2014 में देश की कुल स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता 2,48,554 मेगावाट थी, जो जून 2025 तक बढ़कर 4,84,819 मेगावाट हो गई है। इसमें कोयला आधारित तापीय बिजली की क्षमता 1,39,663 मेगावाट थी, जो अब बढ़कर 2,42,040 मेगावाट और नवीकरणीय ऊर्जा की क्षमता 75,519 मेगावाट से बढ़कर 2,33,999 मेगावाट हो गई है।
उन्होंने बताया कि आज देश में एक कोने से दूसरे कोने तक 1,18,740 मेगावाट बिजली स्थानांतरित करने की क्षमता है। अक्टूबर 2024 से कोयले के मिश्रण की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है, जिससे घरेलू कोयले की आपूर्ति से लागत को संतुलित किया जा रहा है। इसके चलते 2022-23 और 2023-24 के बीच औसत बिजली खरीद लागत में 5 पैसे की गिरावट आई है। उत्पादन लागत घटाने के लिए भी सरकार ने कई और कदम उठाए हैं।