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बैंक मैनेजर की जान को खतरा: पत्नी-बेटे की हत्या से टूटा गमों का पहाड़,संदीप रो-रोकर बता रहे जिंदगी के गुजरे पल

Sat, 03 Sep 2022 07:45 AM IST
मेरठ ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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मेरठ डबल मर्डर केस। - फोटो : amar ujala
गर्भवती पत्नी शिखा और पांच साल के बेटे रूकांश की हत्या के बाद बैंक मैनेजर संदीप कुमार की जान को खतरा बढ़ गया है। हरीश का नोएडा में गैंग है, जो संदीप के साथ वारदात कर सकता है। पुलिस का दावा है कि संदीप को जल्द सुरक्षा मिलेगी। वहीं हत्यारोपी हरीश के खिलाफ जल्द चार्जशीट लगाने की तैयारी कर दी है।

आईजी मेरठ रेंज प्रवीण कुमार ने केस डायरी की निगरानी के लिए एसपी देहात केशव कुमार को लगाया है। फिंगर प्रिंट व फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट जल्द मंगाकर विवेचना में शामिल की जाएगी। चार्जशीट में पुख्ता सबूत होंगे ताकि हत्यारोपी को सजा मिल सके।
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परिवार को सांत्वना देने पहुंचे मंत्री दिनेश खटीक। - फोटो : amar ujala
हस्तिनापुर में सोमवार को बैंक मैनेजर संदीप कुमार के घर में उनकी पत्नी शिखा और बेटे रूकांश की हत्या हुई थी। हत्यारोपी बहनोई हरीश को पुलिस ने जेल भेज दिया है। वहीं दूसरे हत्यारोपी रवि जाटव ने पिलखुवा के अहमदपुर नया गांव में आत्महत्या कर ली थी।
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सदमे में संदीप। - फोटो : amar ujala
पुलिस की जांच में सामने आया है कि हरीश शातिर अपराधी है और उसका नोएडा में गैंग है। दो करोड़ की चोरी के मामले में हरीश साथियों के साथ जेल गया था। पुलिस का दावा है कि हरीश संदीप को भी खत्म करना चाहता था। शिखा के पिता उन्नाव निवासी श्रीपाल ने भी दामाद संदीप की जान को खतरा जताया है।

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मेरठ में मां-बेटे की हत्या का मामला। - फोटो : amar ujala
दिनभर रोते रहे संदीप, सांत्वना देने वालों का तांता
बैंक मैनजर संदीप का रो-रोकर बुरा हाल है। दिनभर संदीप अपनी पत्नी और बेटे को याद करके बेड पर बैठे रहते है। उनके घर पर लोगों का तांता लगा हुआ है। हस्तिनापुर थाना प्रभारी ने भी अपने पुलिस टीम के साथ उनके घर पहुंचकर संदीप को आश्वासन दिया कि वह उनके साथ हैं। वे 24 घंटे उनकी सुरक्षा में हैं। हस्तिनापुर के लोगों का कहना कि बैंक मैनेजर को आंच भी नहीं आने देंगे।
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फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
बिखर गए सपने... शिखा ने पाई-पाई जोड़ी तब बना था घर
शिखा और रूकांश की बात संदीप लोगों को बता रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब देर रात 11:30 बजे घर का ताला तोड़ा तो अंदर की स्थिति को देखकर समझ नहीं पाया। उसने बहुत देर तक सोचा कि उसके गहने और कैश चोरी हो गया है। अपहरणकर्ता का फोन आएगा। पत्नी और बच्चे वापस मिल जाएंगे। गायब स्कूटी के कागज ढूंढने के लिए बेड का बॉक्स खोला तो बेटे का शव देखकर पैरों तले जमीन खिसक गई। उसके बाद दूसरे कमरे के बेड में शिखा का शव मिला। बताया कि उन्हें अच्छा घर बनाने के लिए बैंक से एक करोड़ रुपये का लोन लेने की बात शिखा से कहीं थी। शिखा ने मेहनत व तनख्वाह के पैसे जोड़कर सौ गज का घर खरीदवाया था।
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मेरठ में डबल मर्डर - फोटो : amar ujala
आभूषण थे पसंद, परिवार-रिश्तेदारों का करती थीं सम्मान
संदीप ने बताया कि शिखा के माता-पिता उसे बेहद प्यार करते थे। उसके जन्मदिन पर सास-ससुर आते थे और सोने का एक आभूषण जरूर खरीदवाते थे। शिखा को आभूषण से ज्यादा लगाव था। बहनोई हरीश अपराधी है, जिसके चलते उससे दूरी बनाई थी। इसके बावजूद भी शिखा पूरे परिवार का सम्मान करती थी। बैंक में ज्यादा काम के चलते दस दिन से वह अपनी पत्नी को समय नहीं दे पा रहे थे। बेटे रूकांश को सुबह शिखा स्कूटी से लेकर जाती थी और दोपहर को लेकर आती थी।
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