बेटे ने किया सपना पूरा किया
रोहटा रोड शालीमार गार्डन निवासी सुषमा देवी के 25 वर्षीय बेटे आशीष शर्मा सेना में कैप्टन हैं। अभी पश्चिम बंगाल के बिन्नागुड़ी में तैनात हैं। टीएस के माध्यम से सेना में पहुंचे। सुषमा बताती हैं कि जनवरी में छुट्टी पर आया था। अब मई में आना था, परंतु पाकिस्तान से तनाव के चलते छुट्टिया निरस्त कर दीं। उन्होंने बताया कि मेरा सपना था कि बेटा सेना में होना चाहिए, जिसे आशीष ने पूरा किया है। पिता भी सूबेदार से सेवानिवृत्त हैं। मेरा बड़ा बेटा भी सरकारी शिक्षक है। एक मां के लिए यही चाहिए होता है कि उनके बच्चे कामयाब हो जाएं। मेरे लिए तो खुशी और भी बढ़ जाती है कि बेटा देश सेवा में है।
दुश्मन से लड़ने को मां शक्ति देती है
गंगानगर राधागार्डन निवासी मधु देशवाल के बेटे मयंक देशवाल सेना में मेजर हैं। वह जम्मू-कश्मीर के पुंछ राजौरी में तैनात हैं। उन्होंने बताया कि सीडीएस के माध्यम से वह 2015 में सेना में पहुंचा। अभी घर आया हुआ है, परंतु सरहद से वापसी का संदेशा आ गया है। वह बताती हैं कि एक मां बेटे को देश के दुश्मनों से मिली चुनौतियों का सामना करने की शक्ति देती है। निस्वार्थ भाव से अपना सारा स्नेह देने वाली मां को कई त्याग भी करने पड़ते हैं। जो मैंने भी किए हैं। मेरा बेटा सेना में है। यह पूरे परिवार के लिए गर्व की बात है।
पति से मिली बच्चों को फौज में भेजने की प्रेरणा
रोहटा रोड निवासी सावित्री तोमर का कहना है कि मेरे पति रामपाल सिंह आर्मी में सूबेदार थे, जिनसे प्रेरणा लेकर मैंने दोनों बेटों को आर्मी में भेजने का मन बना लिया था। बच्चों को पढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत की, जिसका फल मुझे बच्चों ने अवसर बनकर दिया। मेरा बड़ा बेटा राजीव एयरफोर्स से सेवानिवृत्त हो चुका है और छोटा बेटा प्रवीण तोमर कर्नल है। इस समय दिल्ली में कार्यरत है। प्रवीण तोमर ने कारगिल युद्ध में तोलोलिंग पहाड़ी फतह की और सेना मेडल प्राप्त किया था। सावित्री बताती हैं कि उन्होंने बच्चों को अच्छे संस्कार दिए हैं। मुझे गर्व है कि मेरा बेटा सेना में पदक भी ले चुका है।