मां लक्ष्मी आएंगी द्वार, सुख-समृद्धि देंगी अपार
मेरठ। शहर में सोमवार को दीपावली उत्सव के लिए घरों और मंदिरों से लेकर बड़े भवनों और कार्यालयों को भव्य तरीके से सजाया गया। रविवार की रात ही पूरा शहर दीपों और रंग-बिरंगी लाइटों की रोशनी से जगमग हो उठा। इस बार दीपावली पर मां लक्ष्मी द्वार पर आकर अपार सुख-समृद्धि प्रदान करेंगी। मैया शुभ संयोग में आ रही हैं। शिव शंकर के दिन, हस्त और चित्रा नक्षत्र के शुभ संयोग में महालक्ष्मी जी का पूजन होगा। यह घर-परिवार से व्यापार में समृद्धि को प्रदान करेगा।
ज्योतिषाचार्य विनोद त्यागी ने बताया कि कार्तिक मास की चतुर्दशी एवं अमावस्या के संयोग में महालक्ष्मी पूजन के लिए श्रेष्ठ होता है। अमावस्या का आगमन शाम 05:28 बजे से होगा। इस कारण व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर पूजन चतुर्दशी में ही किया जाएगा। आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि आज प्रदोष काल और अमावस्या में पर्व मनेगा। कई वर्षों बाद दीपावली इस बार चित्रा नक्षत्र में पड़ रही है। यह समाज और देश के लिए सुख-समृद्धि लाने वाली होगी। आचार्य मनीष स्वामी ने बताया कि प्रदोषकाल में लक्ष्मी पूजन का सर्वाधिक महत्व है। हस्त नक्षत्र दोपहर 02:41 मिनट तक होगा।
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दीपावली पूजन के शुभ मुहूर्त
शुभ की चौघड़िया -सुबह 09:16 से 10:40 बजे तक ( व्यापारिक स्थलों पर पूजन का मुहूर्त)
लाभ अमृत चौघड़िया - दोपहर 02:54 से 05:43 बजे तक (मशीनरी, फैक्टरी, लकड़ी के व्यापारी)
वृश्चिक लग्न - सुबह 08:20 से 10:43 बजे तक (ऑटोमोबाइल, वर्कशॉप, तांबा, पीतल, कांसा एवं स्टील का व्यवसाय)
धनु लग्न- सुबह 10:40 से 12:50 बजे तक (शिक्षा संस्थान, कपड़े आदि से संबंधित वर्ग)
अभिजीत मुहूर्त - सुबह 11:40 से 12:30 बजे तक (चार्टर्ड अकाउंटेंट, वकील, प्रॉपर्टी डीलर एवं छोटे दुकानदारों के साथ हर वर्ग के ऑफिस के लिए शुभ)
कुंभ लग्न - दोपहर 02:26 से 04:00 बजे तक (शेयर मार्केट, सराफ, वाहन एवं मिष्ठान व्यापारी)
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प्रदोष काल सर्वोत्तम मुहूर्त - शाम 05:40 बजे से 08:15 बजे तक।
वृषभ स्थिर लग्न सर्वोत्तम मुहूर्त - शाम 6:54 से 8:50 बजे तक।
मिथुन लग्न - रात 08:50 से 11:05 बजे तक
कर्क लग्न - रात 11:05 से 01:26 बजे तक
विशेष लक्ष्मी पूजननिशीथ काल - रात 11:39 बजे से 12:31 बजे तक
कुबेर पूजा समय - रात 12:40 से
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कई तरह के मिष्ठान खरीदे
- शहर में मिठाई की दुकानों पर रौनक सुबह से देर रात तक रही। लोगों ने रिश्तेदारों मित्रों को दीपावली की शुभकामना देने के लिए मिष्ठान खरीदा साथ ही घर में लक्ष्मी पूजा के लिए सात तरह की मिठाई खरीदी गई। प्रेम स्वीट्स के संचालक नीरज ने बताया कि मावा पनीर से बनी मिठाइयों के साथ गजक और रेवड़ी की भी अच्छी बिक्री हुई। विभिन्न तरह के फ्लेवर्स की मिठाई भी पसंद की गई।
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हनुमान जी की भी होगी पूजा
- दीपावली पर घरों में लक्ष्मी पूजा से पूर्व सुबह हनुमान जी की पूजा की जाएगी। मंदिरों में भी भव्य आयोजन होंगे। पूजा सामग्री की दुकानों पर रविवार सुबह से ही भीड़ रही। दीपक के साथ लोगों ने फूल मालाएं भी खरीदी। 51 दीपक, 101 दीपक तो कुछ ने 501 दीपक घर की सजावट के लिए खरीदे। गेंदे के फूलों की माला इस बार 20 रुपये से 40 रुपए तक बिकी।
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यातना से मुक्ति दिलाता है नरक चतुर्दशी का पूजन
- दीपावली से पहले नरक चतुर्दशी का पूजन यातना से मुक्ति दिलाने वाला है। ऐसा माना जाता कि सूर्योदय से पूर्व उठकर उबटन और स्नान से वर्ष भर सौंदर्य में वृद्धि होती है। प्रात: काल तेल लगाकर अपामार्ग की पत्तियां जल में डालकर स्नान करने से नरक से मुक्ति मिलती है। पीले रंग के वस्त्र पहनकर यम का पूजन करें। इससे अकाल मृत्यु एवं नरक में जाने का भय नहीं रहता। इसे नरक चौदस और छोटी दीपावली भी कहा जाता है। इस दिन भगवान कृष्ण, यमराज और बजरंगबली की पूजा करने का विधान है। मान्यता है कि इस दिन पूजा करने से मनुष्य नरक में मिलने वाली यातनाओं से बच जाता है। स्नान के बाद शुद्ध वस्त्र पहनकर, तिलक लगाकर दक्षिणाभिमुख होकर मंत्रों के साथ पूजन करना यम-तर्पण कहलाता है।