24 घंटे में बेटी के सिर से उठ गाया माता पिता का साया
मेरठ। कोरोना महामारी ने महज 24 घंटे के अंदर ही बेटी के सिर से माता पिता का साया छीन लिया। चंद घंटों के अंतराल में पहले पिता और फिर मां ने बेटी का साथ छोड़ दिया। चिकित्सा सुविधाओं की कमी और अव्यवस्थाओं के बीच हर दिन इसी तरह मरीज दम तोड़ रहे हैं और अपनों का साथ छूट रहा है।
नंगलाताशी निवासी 18 वर्षीय कल्पना के पिता प्राइवेट कंपनी में कर्मचारी थे। संक्रमित होने के बाद उसे कंकरखेड़ा बाईपास स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। पिता को रेमडेसिविर इंजेक्शन दिलाने के प्रयास में उनकी बेटी लगी रही। सोशल साइट पर वालंटियर्स द्वारा चलाए जा रहे कोविड हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क किया, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं हुई और पिता की मृत्यु हो गई।
उधर, पिता का अभी अंतिम संस्कार भी नहीं हुआ था कि उसकी मां की हालत बिगड़ गई। बेटी ने मां को भी अस्पताल में भर्ती करवाया। वह मां के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर जुटाने की कोशिश में लगी रही। काफी प्रयासों के बाद कुछ लोगों ने ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था कराई, मगर तब तक देर हो चुकी थी। मां ने भी दम तोड़ दिया। बाद में युवती के रिश्तेदारों ने बेटी को संभाला।
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हार्ट अटैक पड़ने के तीन दिन बाद मिला इलाज
- महामारी के इस दौर में प्राइवेट कोविड अस्पताल अब कोविड से अलग मरीजों का उपचार नहीं कर रहे हैं। वहीं, अन्य प्राइवेट अस्पतालों ने बिना कोविड रिपोर्ट के लोगों को भर्ती करना बंद कर दिया। इसके चलते मरीजों का बुरा हाल है।
सूरजकुंड श्मशान में सोमवार को ब्रह्मपुरी निवासी महेश चंद्र जैन के परिजन उनके अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे। मौसा दिनेश जैन ने बताया कि मृतक के बेटे को चार दिन पूर्व हार्ट अटैक पड़ गया। शहर के कई अस्पतालों के चक्कर लगाए, लेकिन कहीं भी चिकित्सा सुविधा नहीं मिली। इस बीच उसका टेस्ट कराया गया। तीन दिन बाद रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती किया गया। इस सदमे में महेश चंद्र जैन की भी तबीयत बिगड़ गई। रविवार को उनकी मौत हो गई।