यूपी के बिजनौर जिले में नहटौर थाना क्षेत्र के गांव बैरमनगर में दो बेटियों को जहर देकर खुद भी जहर खाने वाली कुसुम देवी और उसकी एक बेटी खुशी अब इस दुनिया में नहीं है। कुछ सवाल जरूर हैं जिनका जवाब मिलना बाकी है। दो बातें सामने आ रही हैं- पहली यह कि परिवार आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा था। दूसरी यह कि उसके पति सुखवीर सिंह को शराब की लत है और आर्थिक बदहाली से उपजी परिस्थितियां इसी मुद्दे पर घरेलू कलह का कारण बन जाती थीं। तीसरी बात यह है कि महिला दो दिनों से भूखी थी।
भूख सबसे महत्वपूर्ण मामला है। लेकिन जैसा बताया जा रहा है कि महिला ने पति से झगड़े के कारण दो दिन से खाना नहीं खाया था, सही है या आर्थिक तंगी के चलते महिला के समक्ष ऐसी परिस्थितियां पैदा हुईं? बहरहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद तो यह पता लगाया जा सकता है कि महिला भूखी थी या नहीं? लेकिन इस भूख के पीछे के कारणों का पता नहीं लगाया जा सकता है। एक बात तो साफ है कि महिला का परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। उसका पति सुखवीर सिंह एक आरामशीन में मजदूरी करता है, जो कुछ दिनों से बीमार चल रहा था। एक बेटा और तीन बेटियों की पढ़ाई और परिवार का खर्च चलाने के लिए सुखवीर की मजदूरी से होने वाली आय काफी नहीं थी। कुसुम ने घर में एक गाय पाल रखी है और इसी का दूध बेचकर वह परिवार के खर्च में सहयोग कर रही थी। पति की बीमारी से खर्च चल पाना मुश्किल था और कुसुम तनाव में थी।