मेरठ। बिजली चोरी रोकने के लिए भले ही पीवीवीएनएल ने एबीसी और स्मार्ट मीटरों पर करोड़ों रुपये खर्च किए हों, लेकिन शहर के 46 बिजलीघरों में से 22 में 25 से 64 फीसदी चोरी की जा रही है। इसके चलते विद्युत निगम ने इन बिजलीघरों को रेड स्लैब में शामिल किया है। हालांकि 12 बिजलीघर 15 फीसदी से कम लाइन लॉस के चलते ग्रीन स्लैब में शामिल हुए हैं।
सरकार बिजली चोरी रोककर उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने के लिए अहम कदम उठा रही है। इसके तहत उन संवेदनशील इलाकों में एबीसी और स्मार्ट मीटर लगाए जहां सर्वाधिक बिजली चोरी होती रही है। इसके लिए यूपीपीसीएल ने बिजलीघरों को रेड, ऑरेंज और ग्रीन स्लैब में बांटा है। 15 फीसदी से कम लाइन लॉस वाले बिजलीघर को ग्रीन, 15 से 25 फीसदी लाइन लॉस वाले बिजलीघर ऑरेंज और 25 फीसदी से ज्यादा लाइन लॉस वाले बिजलीघरों को रेड स्लैब में शामिल किए हैं।
22 बिजलीघरों में सर्वाधिक चोरी
शहर में 46 बिजलीघर हैं। इनमें से 22 यानि आधे बिजलीघरों में 25 से 64 फीसदी तक जमकर बिजली चोरी है। इसलिए इन्हें रेड स्लैब में शामिल किया है। हापुड़ रोड बाईपास, पीएल शर्मा हॉस्पिटल, लिसाड़ी गेट, लिसाड़ी रोड, माधवपुरम सेकेंड, सूरजकुंड, विकासपुरी, घंटाघर, रामलीला ग्राउंड आदि बिजलीघर क्षेत्रों में 40 फीसदी से ज्यादा चोरी है।
12 बिजलीघर ग्रीन स्लैब में शामिल
शहर में ऐसे 12 बिजलीघर हैं जहां लाइन लॉस का ग्राफ 15 फीसदी से नीचे है। इनमें मोहकमपुर, गंगानगर प्रथम, गंगानगर द्वितीय, गंगानगर तृतीय, एमईएस, अमन विहार, न्यू मेडिकल, शास्त्रीनगर, खड़ौली, टीपीनगर और कंकरखेड़ा टाउन और कंकरखेड़ा देहात शामिल हैं।
यहां बड़ी बिजली चोरी
बिजलीघर लाइन लॉस (%)
हापुड़ रोड बाईपास 63.15
माधवपुरम द्वितीय 48.80
रामलीला ग्राउंड द्वितीय 49.24
पीएल शर्मा अस्पताल 55.54
हापुड़ रोड 47.16
लिसाड़ी गेट 49.65
लिसाड़ी रोड 42.21
सूरजकुंड 54.75
विकासपुरी 45.31
घंटाघर 38.02
लेडीज पार्क 32.95
मोहनपुरी 29.89
बेगमपुल 28.82
रेलवे रोड 27.45
जागृति विहार टू 26.62
पुराना आरटीओ 39.93
सदर 30.48
सेंट लुक्स 30.94
सैनिक विहार 23.85
रामलीला ग्राउंड 34.42
शारदा रोड 30.55
नोट: ये सभी बिजलीघर रेड स्लैब में शामिल हैं और आंकड़े पीवीवीएनएल से लिये हैं।
क्या बोले अधिकारी
बिजली चोरी और लाइन लॉस रोकने के लिए बिजलीघरों को विभिन्न स्लैब में शामिल किया गया है। जिससे लाइन लॉस कम करके रेड को ऑरेंज और ऑरेंज को ग्रीन स्लैब में शामिल किया जा सके। लाइन लॉस रोकने में सफलता मिल रही है। 12 बिजलघरों को ग्रीन और 12 को ऑरेंज स्लैब में शामिल करा दिया है।-एके सिंह, अधीक्षण अभियंता शहर पीवीवीएनएल