खतौली में ट्रेन हादसे के बाद जहां रात में मौके पर पहुंचे रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए। वहीं, रेलवे के अफसर पूरे मामले को दबाने में लगे रहे। यहां तक कि रेल राज्यमंत्री और अन्य नेताओं को भी अफसरों ने गुमराह किया। उस टूटी हुई पटरी को नहीं दिखाया, जिसका कारण इस बड़े और गंभीर हादसे को माना जा रहा है।
उत्कल ट्रेन हादसे के बाद डीजी रेलवे सुधीर कुमार (प्रभारी डीजी एनएसजी), एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार, मंडलायुक्त मेरठ डॉ. प्रभात कुमार, आईजी रेलवे विनोद कुमार, डीआईजी सहारनपुर, डीएम मुजफ्फरनगर, एसएसपी मुजफ्फरनगर और एसपी रेलवे केशव कुमार मौके पर पहुंचे। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा और केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान ने मौके पर पहुंचकर रेलवे, पुलिस और प्रशासनिक अफसरों से इस हादसे के बारे में जानकारी ली।
लेकिन तमाम अफसर पूरे मामले में चुप्पी साधे रहे। मौके पर करीब तीन-चार हजार लोगों की भीड़ जमा थी। ऐसे में पुलिस फोर्स भीड़ को हटाकर नेताओं की सुरक्षा में लगी रही। रेल राज्यमंत्री ने इस दौरान मीडिया से कहा कि पूरे मामले में उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दे दिए गए हैं, जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।
सर, यह लापरवाही तो अपनी ही है।