अब कोरोना पूरी तरह पैर पसार चुका है। खासकर शहरी क्षेत्र में बुरा हाल है।अधिकांश शहरी आबादी संक्रमित हो रही है। इतनी बड़ी संख्या में नए मरीज मिलने से साफ है कि कोरोना पर अब जल्दी काबू पाना मुश्किल लग रहा है। हर रोज नई चेन बन रही हैं। मरीजों का दायरा बढ़ता जा रहा है। जिस रफ्तार से मरीज बढ़ रहे हैं, इससे आशंका जताई जा रही है कि अप्रैल माह में ही कहीं पिछले साल के सारे रिकाॅर्ड न टूट जाएं।
कोरोना से एक और मौत
कोरोना से 50 वर्षीय एक महिला की निजी अस्पताल में मौत हो गई है। वह शास्त्रीनगर की रहने वाली थी।
मुजफ्फरनगर में आज कोरोना से संक्रमित बेगराजपुर कोविड अस्पताल में भर्ती दो महिलाओं समेत तीन मरीजों की मृत्यु हुई है, जबकि 176 नए संक्रमित मिले हैं।
शामली जनपद में 77 कोरोना संक्रमित मिले हैं जबकि बागपत में आज 47 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। बिजनौर में 182 कोरोना संक्रमित मिले हैं।
बता दें कि मेरठ में कोरोना भयावह होता जा रहा है। अब हर घंटे नौ से ज्यादा मरीज मिल रहे हैं। पिछले पांच दिन में रफ्तार तेजी से बढ़ी है। हर रोज 200 से अधिक मरीज मिले हैं। इस दौरान 1161 मरीज मिले। यानी पांच दिन में ही एक हजार का आंकड़ा पार हो गया। पिछले साल 30 जून को 1000 मरीजों का आंकड़ा पूरा हुआ था, जबकि 27 मार्च 2020 को पहला मरीज मिला था। इस सप्ताह हर रोज 232 मरीज मिलने का औसत है।
सर्विलांस अधिकारी डॉ. अशोक तालियान ने बताया कि लोग न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं और न मास्क व सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी वजह से मरीजों की संख्या बढ़ रही है। कोरोना पर अंकुश लगाने के लिए सोशल डिस्पेंसिंग, मास्क और सफाई का पालन करना ही होगा।