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भूमाफिया द्वारा बनाई दीवार को किया गया ध्वस्त। - फोटो : aaa
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मेरठ। दिल्ली रोड से सटे माधवपुर सेक्टर-1 में भूमाफियाओं द्वारा कब्जा की 33 सौ वर्ग मीटर जमीन आवास एवं विकास परिषद ने मुक्त करा ली। अमर उजाला ने 50 करोड़ से ज्यादा की इस जमीन पर हुए कब्जे और खड़ी की गई दीवार की खबर 16 सितंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की थी। शुक्रवार देर रात परिषद ने दीवार पर बुलडोजर चलवा दिया।
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शारदा रोड निवासी महेश गुप्ता की इस जमीन का परिषद अधिग्रहण कर चुका था। लेकिन भूखंड मालिक इस न देने पर अड़ा था। मालिकाना हक को लेकर मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन था। लेकिन 20 दिन पहले महेश गुप्ता का निधन होने के बाद पहले से नजर गड़ाए भूमाफियाओं ने 14 व 15 सितंबर को पुलिस व परिषद से सेटिंग कर इस जमीन पर दीवार खड़ी कर ली थी। अमर उजाला ने ये मुद्दा उठाया तो पुलिस और परिषद बैकफुट पर आ गए। शुक्रवार देर रात पुलिस बल के साथ पहुंचे आवास विकास के अधिकारियों ने दीवारों को बुलडोजर से ध्वस्त करा दिया। इस दौरान अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे।
नजर 10 हजार वर्ग मीटर जमीन पर
भूमाफिया 3300 वर्ग मीटर भूमि के बाद इसी जमीन के बराबर में ही महेश गुप्ता की करीब 7 हजार वर्ग मीटर भूमि भी कब्जाना चाहते थे। पूरा भूखंड करीब 10 हजार वर्ग मीटर का है, जिसमें 33 सौ वर्ग मीटर भूखंड शामिल है। भूमि की कीमत करोड़ों में है।
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विरोध करने पर लगाए फट्टे, चालान
भूमाफियाओं को पुलिस और आवास विकास अधिकारियों का पूरा संरक्षण था। इसकी पोल भूखंड की देखभाल कर रहे कुछ लोगों ने शनिवार को खोली। आरोप लगाते हुए बताया कि 14 सितंबर को भूमाफियाओं के अवैध कब्जे का मदनलाल सैनी, करन सिंह और उनके परिजनों ने विरोध किया। जिस पर ब्रह्मपुरी थाने की पुलिस मदनलाल और करन को उठाकर थाने ले गई। जहां दोनों का शांति भंग में चालान करने के साथ थाने के मुंशी ने उनके हाथों पर 10-10 फट्टे लगाए। पुलिस ने स्वयं मौके पर खड़े होकर भूमि पर कब्जा कराया। पीड़ितों ने भूमाफियाओं से खतरा बताया। ये भी तथ्य है कि परिषद के अधिकारियों ने जमीन पर कब्जा तो ले लिया। लेकिन आरोपियों को बचाने के लिये मुकदमा दर्ज नहीं कराया।
हो गया कब्जा मुक्त, मुकदमा नहीं
भूूमि के मालिकाना हक को लेकर हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है। भूमाफियाओं ने भूमि पर कब्जा किया था, जिसको मुक्त करा लिया है। अब एफआईआर की आवश्यकता नहीं है। -सतेंद्र पचौरी, अधीक्षण अभियंता, आवास एवं विकास परिषद
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