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कोरोना का खौफ, पहले दिन बेहद कम पहुंचे यात्री

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मेरठ। लॉकडाउन में करीब 68 दिन बाद शुरू हुई रोडवेज बस सेवा का पहला दिन पूरी तरह फ्लॉप रहा। इसे कोरोना का खौफ कहें या संपूर्ण लॉकडाउन का असर कि संचालन को भेजी गईं 50 से ज्यादा बसों को 100 यात्री भी नहीं मिले। कई बसों को 2 से 3 यात्री लेकर ही रवाना किया गया, ताकि लोगों को बस संचालन की जानकारी हो सके।
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लॉकडाउन 5.0 में प्रदेश सरकार ने मानकों के तहत रोडवेज बस संचालन की अनुमति दी है। सोमवार सुबह 8 बजे रोडवेज ने पूरी तैयारी के साथ अपनी बसें भैसाली और सोहराबगेट बस अड्डे पर खड़ी कर दीं, लेकिन बहुत कम यात्री पहुंचे। शाम तक बस स्टाफ यात्रियों का इंतजार करता रहा। अधिकारियों ने बताया कि मेरठ डिपो और भैसाली डिपो ने 50 से ज्यादा बसों को अड्डे पर भेजा था। मवाना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मोदीनगर आदि के करीब 80 यात्री ही सफर के लिए पहुंचे। यही हाल सोहराबगेट डिपो का भी रहा।
बस अड्डे की करा दी बैरिकेडिंग
एसओएस के तहत भैसाली अड्डे की बैकिेडिंग करा दी गई है। बसों के प्रवेश औए निकासी के लिए दो द्वार खोले गए हैं। इसके अलावा यहां सेनिटाइजेशन का पूरा इंतजाम किया गया है। बस अड्डों पर आधा दर्जन स्प्रे मशीन दी गई हैं। बस चालकों और परिचालकों को 200-200 एमएल की सैनिटाइजर बोतल और यात्रियों के लिए 500 एमएल की बोतल दी गई है।
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कम सवारी लेकर भेजीं बसें
अधिकारियों ने पहले दिन कम सवारी मिलने पर मायूसी जाहिर की। हालांकि बाद में एक दो सवारी होने पर भी बसों को मंजिल की तरफ रवाना कर दिया। उनका कहना था कि इससे लोगों को बसों के संचालन की जानकारी मिल जाएगी।
क्या बोले अधिकारी
बस संचालन के पहले दिन यात्री न के बराबर पहुंचे। हमने पूरी तैयारी के साथ बसों को अड्डे पर भेजा था। यात्रियों के कम आने के पीछे संपूर्ण लॉकडाउन भी हो सकता है। -नीरज सक्सेना, आरएम रोडवेज मेरठ रीजन
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