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नोट बंदी से अचानक धनवान हुए जन धन खाते  

Mon, 28 Nov 2016 02:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
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नोटों की किल्लत के कारण पड़ा एटीएम। - फोटो : अमर उजाला
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जन धन खातों का दुरुपयोग नहीं रुक रहा है। नोट बंदी के बाद जन धन के खातों में अचानक धन वर्षा हो गई। जिनके खातों में एक हजार से भी कम रुपये थे, उनमें अचानक 49-49  हजार रुपये जमा हो गए। इनमें अधिकांश खाते महिलाओं के हैं। यही नहीं, इन खातों में जमा कराई गई रकम को निकालने के लिए भी लोग पहुंचने लगे हैं। बैंक अफसरों के पास भी यह सूचनाएं पहुंच रही हैं। ऐसे में जन धन खाते पुराने नोट बदलने के सबसे आसान तरीका साबित हो रहे हैं।
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जिले में करीब चार लाख जन धन खाते हैं। ये खाते अधिकांश कामगार और कम आय वालों के हैं। नियमानुसार इन खातों में साल में 50 हजार से अधिक रुपये जमा नही हो सकते। लेकिन, जिन खातों में 500-700 रुपये रहते थे, उनमें सरकार की नोट बंदी के बाद अचानक धन बरसने लगा। हजारों की रकम इनमें जमा होने लगी। सभी में 1000-500 के नोट आ रहे हैं।
शहर के दिल्ली रोड स्थित एसबीआई की ब्रांच में कई खातों में 40 से 49 हजार रुपये तक की रकम जमा हुई। यह रकम अलग-अलग दिनों में थोड़ी-थोड़ी कर जमा कराई गई है। 50 हजार से कम रकम जमा करने पर पैन कार्ड की जरूरत भी नहीं होती। अधिकांश खाते महिलाओं के नाम हैं। इनमें से कुछ लोग तो कैश निक ालने भी पहुंचने लगे हैं। थोड़ी-थोड़ी रकम निकालकर अपने खातों का बैलेंस भी कम करने लगे हैं। ऐसा जिले के अधिकतर बैंकों में हो रहा है। बैंक वाले भी हैरान हैं कि मजदूरी करने वाले लोग अचानक इतने धनवान कैसे हो गए। बैंक अधिकारियों तक भी यह सूचनाएं पहुंच रही हैं। अनुमान है कि जिले के चार लाख जन धन खातों में करोड़ों रुपये जमा हो चुके हैं।
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ये दे रहे तर्क
बैंकों में रकम जमा कराने वाले जन धन खाताधारकों को पता है कि कैश निकालते वक्त बैंक में पूछताछ होने लगी है। इसलिए यह लोग पहले से ही तैयार होकर आते हैं। एसबीआई स्पोर्ट्स कांपलेक्स ब्रांच के शाखा प्रबंधक डीपी सिंह के अनुसार कोई कहता है भैंस बेची है तो कोई बकरी। कोई क ह रहा है कि बीमारी के लिए घर में जोड़कर रखा था। कोई कहता है एडवांस मजदूरी मिल गई।
अलर्ट कर रहे बैंक कर्मी
एसबीआई के रीजनल मैनेजर प्रथम राजेश कुमार का कहना है कि जन धन खातों में अचानक काफी अधिक धनराशि जमा होने की सूचनाएं आ रही हैं। खासतौर से ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के नाम खुले खातों में ऐसा हो रहा है। अलग-अलग दिनों में 49 हजार रुपये तक जमा हो रहे हैं। बैंक कर्मी इन खाताधारकों को अलर्ट कर रहे हैं। इनसे पूछताछ करने पर यह लोग कैश आने की अलग-अलग वजह बता रहे हैं। लेकिन, जांच पड़ताल आरबीआई या आयकर विभाग के स्तर से ही संभव है। जन धन खाताधारकों के एटीएम ब्लॉक करने संबंधी कोई गाइड लाइन अभी नहीं मिली है।
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