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Meerut News: नहीं दिखा चांद, खुशियों की ईद-उल-फितर कल

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ईद की तैयारी को लेकर गुरुवार देर रात घंटाघर पर जूते चप्पल खरीदी महिलाएं। संवाद
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बृहस्पतिवार को बरोज जुमेरात बवक्ते मगरिब के बाद तमाम कोशिशों के बावजूद ईद केे चांद की तस्दीक नहीं हो सकी। गुजरी बाजार स्थित ऊंची मस्जिद में चांद कमेटी की बैठक में शव्वाल (ईद) का चांद नजर नहीं आने की बात कही गई।
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चांद न दिखने की सूरत में शहर काजी डॉ. जैनुस सालिकीन सिद्दीकी ने आधिकारिक रूप से एलान किया कि शुक्रवार को रमजान का 30वां रोजा रखा जाएगा और ईद-उल-फितर का त्योहार शनिवार यानी 21 मार्च को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस बैठक में नायब शहर काजी जैनुर राशिदीन, कारी सलमान कासमी, कारी अनवार, मुफ्ती आबिद, मुफ्ती रिजवान, मौलाना मोइन अख्तर, मौलाना असद जिलानी, मुफ्ती अफीफुल्ला, और हाजी शीराज रहमान और हाजी आदिल चौधरी मौजूद रहे।



ईदगाह क्षेत्र में लगे विवादित पोस्टर
मेरठ। ईदगाह क्षेत्र में ईद की नमाज पढ़ाने को लेकर विवादित पोस्टर लगे हैं। हालांकि विवाद के संबंध में ईदगाह कमेटी ने स्पष्ट कर दिया है कि ईद की नमाज शहर काजी जैनुस सालिकीन ही अदा कराएंगे। बता दें कि ईदगाह एवं इसके आसपास के इलाकों में लगाए पोस्टरों में लिखा है कि गैर मुस्तहिक (अयोग्य) इमाम के पीछे नमाज न पढ़ें। पिछले साल ईद उल अजहा (बकरीद) के अवसर पर शहर काजी जैनुस सालिकीन ने ही नमाज अदा कराई थी। इसके बाद इस बात की उम्मीद थी कि ईद उल फितर पर अब इमामत को लेकर कोई विवाद पैदा नहीं होगा, लेकिन ईदगाह क्षेत्र के आसपास लगाए गए विवादित पोस्टरों ने एक बार फिर चिंगारी को हवा देने की कोशिश की है।
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