शहर में एक चर्चित कहावत है कि अच्छी शुरुआत आधा काम कर देती है। 2026 की शुरुआत में ऐसा ही कुछ तिथि, वार और नक्षत्रों के खास संयोगों हुआ है। नववर्ष 2026 का आगाज न केवल उत्साह के साथ हुआ बल्कि ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह साल शहर के लिए आर्थिक और मानसिक समृद्धि के द्वार खोलने वाला साबित होगा। साल की शुरुआत भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति के प्रिय दिन गुरुवार से हुई जिसे शास्त्रों में अत्यंत शुभ माना गया है।
ज्योतिषाचार्य विनोद त्यागी ने बताया कि नए साल का सूर्योदय धनु लग्न में हुआ। इस दौरान लग्न राशि (धनु) में सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र एक साथ विराजमान रहे जो व्यापार और ऊर्जा के लिए श्रेष्ठ फलदायी है। लग्न के स्वामी बृहस्पति सप्तम भाव (मिथुन राशि) में रहकर शुभता प्रदान कर रहे हैं। न्याय के देवता शनि देव अपनी मित्र राशि मीन में चतुर्थ भाव में स्थित हैं। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि इस ग्रह दशा के कारण लोगों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और मानसिक व शारीरिक कष्टों में कमी आएगी।
आर्थिक ढांचा होगा मजबूत, बढ़ेगा विदेशी व्यापार
इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव कौशल वत्स और आचार्य मनीष स्वामी के अनुसार 2026 में ग्रहों का गोचर औद्योगिक क्रांति का संकेत दे रहा है। शहर और देश के आर्थिक ढांचे में बड़े सुधार दिखेंगे। विदेशी व्यापार और स्थानीय उद्योगों में अभूतपूर्व तेजी आने की संभावना है। यह वर्ष लगभग सभी राशियों के लिए कम-बेसी शुभ फल ही लेकर आएगा।
संकल्पों को दें मजबूती, बदलें आदतें
आचार्य कौशल वत्स ने आध्यात्मिक और व्यावहारिक विकास के लिए कुछ विशेष सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि बुरी आदतों का त्याग करने के जो संकल्प 31 दिसंबर को लिए गए हैं उन्हें आजीवन निभाएं। हमारी आदतें सीधे तौर पर हमारे ग्रहों को प्रभावित करती हैं। उन्होंने कहा कि सूर्य और बुध की कृपा प्राप्त करने के लिए झूठ बोलने और कार्यक्षेत्र में राजनीति करने से बचें। अनुचित कार्यों से स्वयं की आत्मिक शक्ति का नाश होता है। बुध बुद्धिमत्ता का प्रतीक है इसलिए अपनी बुद्धि का प्रयोग रचनात्मक कार्यों में करें।