फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut News: बादलों में छुप गया चांद, इंतजार करती रह गई सुहागिनें

विज्ञापन
विज्ञापन
- सुहागिनों ने रखा करवा चौथ का व्रत, छलनी से पति का चेहरा देखकर खोला व्रत
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। सुहागिनों ने पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के साथ करवा चौथ का निर्जला व्रत रखा। महिलाओं ने सोलह शृंगार कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और करवा चौथ की कथा सुनी। दिनभर उपवास रखने के बाद शाम को महिलाएं चांद निकलने का इंतजार करती रहीं, लेकिन बारिश और खराब मौसम के चलते चंद्र दर्शन नहीं हो सके।
करवा चौथ को लेकर महिलाओं में सुबह से ही खासा उत्साह नजर आया। सुहागिनों ने रंग-बिरंगे परिधान और आभूषण पहनकर शृंगार किया। दिन में पूजा-अर्चना कर बड़ों का आशीर्वाद लिया। शाम को महिलाओं ने मंगल गीत गाए और पति की लंबी आयु तथा अखंड सुहाग की कामना की।
विज्ञापन


शाम होते ही महिलाएं छतों पर चांद निकलने की प्रतीक्षा करने लगीं। हालांकि, बारिश और बादलों के कारण चांद दिखाई देने में परेशानी हुई। व्रती महिलाओं ने चंद्र दर्शन के लिए काफी देर तक इंतजार किया। परंपरा के अनुसार, चांद के दर्शन के बाद महिलाओं ने छलनी से चंद्रमा और फिर पति का चेहरा देखकर व्रत खोलने की रस्म निभाई। पतियों ने पत्नी को पानी पिलाकर व्रत का पारण कराया। करवा चौथ के मौके पर घरों में पूरे दिन उत्सव जैसा माहौल रहा। महिलाओं ने श्रद्धा और विश्वास के साथ व्रत रखकर परिवार की सुख-समृद्धि और पति की दीर्घायु की मंगलकामना की। गांव रासना निवासी विवाहिता आकांक्षा त्यागी, बबली पूनिया, साक्षी गुप्ता सरधना ने बताया कि करवा चौथ पर सुहागिनें विधि-विधान से पूजा कर अखंड सुहाग की कामना करती हैं।
विज्ञापन


पति की लंबी उम्र के लिए सुहागिनों ने रखा करवा चौथ का व्रत
सरूरपुर। कस्बा हर्रा, करनावल, खिवाई समेत आसपास के गांवों में बृहस्पतिवार को करवा चौथ का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखा। शिवानी, पूजा, प्रेमलता, संगीता, अर्चना और हिमांशी ने करवा चौथ के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यह पर्व पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक है। बताया कि करवा चौथ सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। पर्व के चलते घरों में उत्सवी माहौल रहा। बारिश के कारण चांद न दिखाई देने पर महिलाओं ने पूजा-अर्चना कर व्रत खोला और परिवार के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें