सोनीपत जेल में बंद रोहटा के कुख्यात बदमाश मोनू जाट की दहशत में किसान ने बुवाई पर ली व्यापारी की जमीन छोड़ दी। साथ ही अपनी जमीन भी ठेके पर दे दी। थाना पुलिस से कोई मदद नहीं मिलने पर उसने गांव से पलायन करने की तैयारी की, तो ग्रामीणों ने किसी तरह मनाकर दो दिन के लिए रोक लिया। इस मामले में सोमवार को आईजी और डीआईजी से मिलकर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
रोहटा निवासी किसान सुखपाल शर्मा पुत्र पूरन ने व्यापारी सुमित पुत्र ब्रजवासी गोयल की जमीन बुवाई पर ले रखी थी। पांच दिन पूर्व सुखपाल के घर पर रजिस्ट्री पत्र आया था। जिसमें सोनीपत जेल में बंद कुख्यात मोनू जाट ने सुखपाल शर्मा को धमकी दी थी कि सुखपाल तूने और ब्रजवासी ने मेरी बात न मानकर अपनी मौत को पक्का कर लिया है। अब एक ही रास्ता बचा है कि या तो दस लाख कचहरी में पहुंचा देना या गांव छोड़ देना। अगर ऐसा नहीं किया तो तेरा और ब्रजवासी का परिवार खत्म कर दिया जाएगा।
धमकी से भयभीत होकर सुखपाल शर्मा ने रविवार को सुमित गोयल की जमीन को छोड़ दिया। अपनी खुद की जमीन को भी गांव के ही एक व्यक्ति को ठेके पर दे दिया। दोपहर को सुखपाल अपने घर का सामान गाड़ी में भरकर घर का ताला लगाकर गांव से पलायन करने में लगा था। इस दौरान गांव के ही कुछ बडे़ बुजुर्ग वहां पर पहुंच गए और गांव छोड़कर जाने से रोक दिया। सुखपाल गांव छोड़ने की बात ही कहता रहा।
दो दिन के लिए रोका
गांव के बुजुर्ग लोगों ने कहा कि सोमवार को आईजी और डीआईजी से मिलकर पत्र की जांच कराने की मांग करेंगे और कार्रवाई कराई जाएगी। दो दिन का समय देते हुए भयभीत सुखपाल का सामान ग्रामीणों ने गाड़ी से उतारकर घर पर रखवा दिया। इस दौरान पीड़ित धमकी के डर से बिलख पड़ा। इस मामले में थाना पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं कर रही।
गांव में भी दी थी धमकी
रोहटा क्षेत्र में रंगदारी न मिलने पर मोनू कई लोगों की हत्या कर चुका था। उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार का इनाम रखा गया था। पकड़े जाने से पहले भी मोनू ने सुखपाल के घर पहुंचकर धमकी दी थी कि सुमित गोयल की जमीन छोड़ दे, नहीं तो अंजाम बुरा होगा। उस समय सुखपाल ने सुमित की जमीन में अपनी ईख बो रखी थी। जिसके चलते उस समय तो उसे नहीं छोड़ पाया था। अब ईख खत्म होने पर सुखपाल ने सुमित गोयल की जमीन को छोड़ ही दिया।