कुख्यात मोनू जाट के सात साथियों पर मेरठ पुलिस ने धारा 302 लगाने की तैयारी कर ली है। इनमें बागपत और शामली का एक-एक पूर्व प्रधान भी शामिल है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मोनू और नितिन को यह सातों लोग खाने पीने का सामान और हथियार उपलब्ध कराते थे। पुलिस पूछताछ में मोनू ने हत्या के सभी मामलों में सातों साथियों के शामिल होने की बात कबूली है।
रोहटा निवासी 50 हजार के इनामी अमित उर्फ मोनू जाट और उसके साथी नितिन राठी उर्फ छोटू निवासी टीकरी बागपत को शुक्रवार रात सोनीपत पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। शनिवार को मेरठ और बागपत पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ करके आई थी। पुलिस के अनुसार मोनू और नितिन ने बताया कि उन्हें बागपत के बुराना गांव निवासी पूर्व प्रधान कपिल, शामली के किलाबंदी गांव निवासी पूर्व प्रधान सुभाष और रोहटा निवासी राहुल शर्मा, शेखर शर्मा समेत सात लोग संरक्षण दे रहे थे। पूर्व प्रधान कपिल और सुभाष उन्हें पिस्टल, तमंचे और कारतूसों के साथ खाने पीने का पूरा सामान मुहैया कराते थे। हत्या के मामलों में सभी किसी न किसी रूप से शामिल रहे हैं।
दंपति मर्डर में राहुल और शेखर शामिल
आठ सितंबर को रोहटा में किसान शीशपाल और उसकी पत्नी संतोष की हत्या हो गई थी। पुलिस के अनुसार इस दौरान मोनू जाट और नितिन राठी के साथ रोहटा का राहुल शर्मा तथा शेखर शर्मा भी शामिल थे। मोनू को उसके चाचा यशपाल ने दंपति के खेत में जाने की सूचना दी थी। मोनू और नितिन ने दंपति को गोली मारी, जबकि राहुल और शेखर ने चारों तरफ से घेराबंदी कर रखी थी कि मौके पर कोई भी पहुंचा तो उसकी भी हत्या कर दी जाएगी।
बी वारंट जमा, रिमांड की तैयारी
रोहटा एसओ सुरेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि सोमवार को मेरठ सीजेएम कोर्ट में बी वांरट दाखिल कर दिया गया। कोर्ट ने 13 अक्तूबर को दोनों आरोपियों को तलब किया है। उस दिन दोनों को मेरठ सीजेएम कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस मोनू और नितिन का रिमांड लेने की तैयारी कर रही है। ताकि दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा सके।
कई नेता भी मोनू को दे रहे थे शरण?
मोनू को शरण देने वालों में रोहटा के करीब 12 अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। इनमें तीन नेता भी शामिल है। पुलिस पूछताछ में मोनू ने सिर्फ रोहटा के राहुल शर्मा, शेखर शर्मा और राजू का नाम बताया। जिन तीन नेताओं के नाम सामने आएं है, उनके खिलाफ सुबूत तलाशे जा रहे है।
मोनू जाट और नितिन राठी को जेल भेजा
सोनीपत (ब्यूरो)। पुलिस के द्वारा गिरफ्तार मोनू जाट और नितिन राठी को रिमांड अवधि पूरी होने पर सोनीपत के सदर थाना पुलिस ने अदालत में उनको पेश कर न्यायिक हिरासत जेल में भेज दिया गया है। दोनों आरोपियों ने बताया कि वह मेरठ और बागपत पुलिस से बचने के लिए सोनीपत में आकर शरण ली थी।