- खानपुर में दो दिन से चल रहा था हंगामा, परिजनों का हत्या आरोप, प्राथमिकी दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
जानीखुर्द। गांव खानपुर निवासी मोहित की मौत के बाद पिछले दो दिनों से चला आ रहा हंगामा मंगलवार दोपहर को समाप्त हो गया। पुलिस प्रशासन के कड़े आश्वासन और हत्या की धाराओं में कार्रवाई के भरोसे के बाद दोपहर करीब 12 बजे परिजनों ने गमगीन माहौल में मोहित का अंतिम संस्कार कर दिया।
रविवार रात अस्पताल में उपचार के दौरान मोहित की मौत हो गई थी। इसके बाद सोमवार को जानी गंगनहर पुल पर परिजनों ने करीब ढाई घंटे तक जाम लगाकर मेरठ-बागपत हाईवे ठप कर दिया था। परिजनों का आरोप था कि मोहित को दावत के बहाने बुलाकर उसकी हत्या की गई है। जबकि पुलिस इसे दुर्घटना मान रही थी। सोमवार देर रात तक शव को एंबुलेंस में रखकर परिजन कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। सोमवार की रात भारी तनाव के बीच गुजरी।
मंगलवार सुबह एक बार फिर ग्रामीणों और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। ग्रामीण इस बात पर आक्रोशित थे कि पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को गुपचुप तरीके से गांव लाने का प्रयास किया और प्रदर्शनकारी महिलाओं के साथ अभद्रता की। गांव में कई थानों की फोर्स तैनात रही ताकि स्थिति काबू से बाहर न हो।
दोपहर 12 बजे के करीब पुलिस अधिकारियों ने मृतक के पिता वीरपाल और अन्य परिजनों को समझाया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और निष्पक्ष जांच की जाएगी। इस आश्वासन के बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुए। सिलाई का काम करने वाले मोहित की अंतिम यात्रा में पूरा गांव उमड़ पड़ा। मां मुनेश और भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं बसपा नेता मोहित जाटव ने मृतक के परिजनों से मिलकर हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
सीओ सरधना आशुतोष कुमार का कहना है कि पुलिस नामजद आरोपियों को हिरासत में लेने का प्रयास कर रही है। इसके लिए कई जगह दबिश दी गई है।