मुर्हरम में जुलजुनाह बरामद करने के दौरान मातम पुर्सी करते सौगवार।
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मवाना। मुहर्रम की 9 तारीख को सभी अजाखानों में मजलिसों का दौर जारी रहा। आज पहली मजलिस इमाम बारगाह हुसैनी मे सुबह आठ बजे शरू हुई।
इसके बाद एक मजलिस इमाम बारगाह कोटला में हुई। जिसमें मर्सियाख्वानी फूल मियां जैदी ने की। मिम्बर से आली जनाब मौलाना कर्रार हुसैन ने फजायल एवं मसायब शहीदाने कर्बला बयान किए। बाद नमाजे जोहरेन एक मजलिस इमाम बारगाह जनाबे जहरा अलैव में हुई। इसके बाद एक मजलिस इमाम बारगाह हजरत अबूतालिब तिहाई में हुई। जिसमें मर्सियाख्वानी मास्टर सरूर इक़बाल आदी ने की और मिम्बर से आली जनाब मौलाना फिरदौस मेहंदी ने फजायल व मसायब हजरत अली असग़र अलै. बयान किए। वाकयाते कर्बला के वक़्त हजरत अली असग़र की उम्र कुल 6 माह थी। रात में पहली मजलिस इमाम बारगाह कोटला में हुई। इसके बाद एक मजलिस इमाम बारगाह शाहपुर गढ़ी में हुई। जिसमें मिम्बर से आली जनाब मौलाना मिन्हाल हैदर लखनऊ ने खिताब किया। बाद मजलिस अलम मिलाई का प्रोग्राम हुआ। जिसमें अंजुमने हैदरी खैरात अली कोटला, अंजुमने पैगामे अली तिहाई और अंजुमने दस्ता ए अब्बासिया के मातम दारों ने सीनाजनीं की और नौहाख्वानी पेश की। इस प्रोग्राम की निजामत कम्बर जैदी मवानवी ने की। सभी अजाखानों में शबीहे जरीह सजा दी गई है। सारी रात मातमदारों ने शब्बे दारी की और सभी इमाम बारगाहों की जियारत की देर रात एक मजलिस इमाम बारगाह तिहाई में हुई। जिसमें मिम्बर से आली जनाब मौलाना शाहिद रिजवी ने खिताब किया और फ़जायल व मसायब हजरत अब्बास बयान किए। इसके बाद मजलिस शबीहे ताबूद हजरत अब्बास अलै. बरामद हुआ। यह जुलूस की शक्ल में इमाम बारगाह तिहाई से इमाम बारगाह शाहपुर गढ़ी पहुंचा। जहां पर अजाने हजरत अली अकबर पढ़ी गई। सोगवारों में इक़बाल हैदर मुंशी, शबाब हैदर, मुजव्वर अली, बिट्टन ज़ैदी, गुड्डू जैदी, बिलाल जैदी, अंजुम जैदी, अली हैदर, बुद्धन जैदी, अरशद जैदी, हैदर जैदी, अली रजा, मुहर्रम अली, आले हसन, क़ुर्बान जैदी, अली हसनैन, बाबू जैदी, कैसर मियां जैदी, शकील हैदर, शबाब जैदी, अजहर जैदी, अली अब्बास आदि शामिल रहे।