सूरजकुंड श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद राजनैतिक व सामाजिक और व्यापारीगण। .........
मेरठ। शहर की शादियों में गूंजने वाली जय हिंद बैंड की सुरीली धुनें मौन हो गईं। संगीत जगत की जानी-मानी शख्सियत और मॉडर्न शहनाई के जादूगर महेंद्र धानक का सोमवार को सूरजकुंड श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। रविवार शाम मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर के कारण उनका निधन हो गया था जिसके बाद सोमवार को शहर ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी।
महेंद्र धानक की अंतिम यात्रा शारदा रोड स्थित उनके आवास से शुरू हुई। अंतिम सफर में शहर के संगीत प्रेमियों और व्यापारी शामिल हुए। तहसील प्रशासन की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर उन्हें तिरंगा ओढ़ाकर राजकीय सम्मान जैसी विदाई दी। उनके पुत्र पवन धानक ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं। अंतिम विदाई के समय महेंद्र धानक की दोनों बेटियां सीमा और उमा भी वहां मौजूद रहीं। समाजसेवी राकेश गौड़ के अनुसार धानक लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़े रहे। उन्होंने देश के संसद भवन में भी अपनी शहनाई वादन की कला का लोहा मनवाया था। डॉ. संजीव अग्रवाल ने बताया कि वे उत्तर प्रदेश बैंड एसोसिएशन के अध्यक्ष और शास्त्रीनगर संगीत समिति के संस्थापक के तौर पर संगीत जगत का मार्गदर्शन कर रहे थे। उनकी अंतिम यात्रा में किशन कुमार किशनी, रंजन शर्मा, राजीव गुप्ता काले, महेंद्र उपाध्याय, मनीष शर्मा, प्रशांत कौशिक, आशुतोष अग्रवाल, राकेश कुशवाहा, खेमचंद पहलवाना, डॉ. संदीप अग्रवाल, अवनीश काजला, अशोक, महबूब अली, मनिंदर वाल्मीकि रहे।