यंत्रों से फायदे का सौदा हुई खेती
हंस इंजीनियरिंग वर्क्स की एमडी प्रीति अग्रवाल कहती हैं 30-35 साल पहले तक किसान पशु चालित यंत्रों का इस्तेमाल कर खेती करते थे। 15-20 सालों से आधुनिक यंत्रों की तरफ किसानों का रुझान तेजी से बढ़ा है। पश्चिमी यूपी के किसान भी पंजाब के किसानों की तरह आधुनिक खेती और यंत्रों की तरफ अग्रसर हुए हैं। जैसे-जैसे किसानी आधुनिक हो रही है, यह फायदे में भी तब्दील हो रही है।
तकनीक ने दोगुना किया उत्पादन
मित्तल इंजीनियरिंग वर्क्स के एमडी शुभेंद्र मित्तल बताते हैं कि 2005 के बाद से कृषि यंत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई। पिछले 4 सालों में तो जैसे क्रांति आ गई। गहरी जोताई और बोआई का चलन होने से किसान आधुनिक कृषि यंत्रों की तरफ बढ़ रहा है। इससे उन्हें फायदा भी मिल रहा है। पहले जहां प्रति बीघा 40 से 45 कुंतल गन्ना निकलता था, अब 100 से 120 कुंतल तक गन्ना निकल रहा है।
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