सभी राजनीतिक दलों के कैंप भी कताई मिल मुख्य मार्ग पर मतगणना स्थल से निर्धारित दूरी पर बने हैं। प्रशासन की ओर से कैंप बनाए गए हैं, जिनमें मेडिकल कैंप कोविड-19 कैंप के अलावा पुलिस कैंप भी बनाया गया है। संभावना जताई जा रही है कि देर शाम तक मतपेटियों को खोल कर मतपत्रों को अलग-अलग करने का काम होगा।
मतगणना स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा प्रभारी/एसपी ट्रैफिक एके श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि मतगणना स्थल को कड़े सुरक्षा पहरे में रखा गया है। यहां तीन एडिशनल एसपी, सात सर्किल अफसर/सीओ, सात थाना प्रभारी के अलावा 25 दरोगा, 250 पुलिस कांस्टेबल, 50 महिला पुलिस कांस्टेबल, एक बटालियन पीएसी, एक बटालियन आरएएफ, एलआईयू टीम के अलावा फायर ब्रिगेड भी तैनात है।
कताई मिल में चल रही एमएलसी मतगणना का ऑब्जर्वर समीर वर्मा के साथ मंडलायुक्त अनीता सी मेश्राम ने निरीक्षण किया। वह हॉल नंबर-1 में पहुंचे। इस दौरान जिलाधिकारी के. बालाजी, एसएसपी अजय साहनी, एसपी सिटी डॉक्टर अखिलेश नारायण सिंह, एसपी ट्रैफिक जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट सत्येंद्र कुमार भी मौजूद रहे।
फर्जी मतदान का आरोप
एमएलसी प्रत्याशी डॉ. हरविंदर कुमार ने रिटर्निंग ऑफिसर को पत्र लिखकर मांग की कि मतगणना के दौरान किसी भी राजनीतिक दल को न बुलाया जाए। विशेषकर भाजपा के विधायक, सांसद, मंत्री व पार्टी पदाधिकारियों को अनुमति न दी जाए। उन्होंने कहा कि ब्लॉक दौराला पर बूथ संख्या 36 पर फर्जी मतदान हुआ। अधिकारियों ने फोन रिसीव नहीं किया।
शिक्षक संघ ने भाजपा विधायक के खिलाफ खोला मोर्चा
माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने सिवालखास विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने बुधवार को कमिश्नरी पर धरना देकर मंडलायुक्त से रिपोर्ट दर्ज कर विधायक पर कार्रवाई किए जाने की मांग की। उनका आरोप है कि विधायक जितेंद्र सतवाई ने स्नातक व शिक्षक चुनाव में मतदान के दौरान जानी में शिक्षकों से मारपीट कर बूथ कैप्चरिंग का प्रयास किया।
उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाए। यदि निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई नहीं की गई तो चार दिसंबर से आंदोलन किया जाएगा। यहां प्रांतीय उपाध्यक्ष उमेश त्यागी, प्रांतीय मंत्री सुशील सिंह, अरुण पाल आत्रेय, रवींद्र, संजय शर्मा, संदीप शर्मा, सुखनंदन त्यागी, विजेंद्र ध्यानी आदि रहे।