पीवीवीएनएल ने विजिलेंस टीम को वसूली के लिए गलत उपभोक्ताओं की सूची सौंप दी है। टीम को विरोध का सामना करना पड़ रहा है। सूची में काफी उपभोक्ता ऐसे हैं जिनका बिल संशोधन के लिए विभाग में पेंडिंग पड़ा है। एमडी ने संशोधन प्रक्रिया वाले उपभोक्ताओं की सूची देने पर रोष जताया है।
राजस्व कमाने के मामले में प्रदेश की नंबर वन कंपनी पीवीवीएनएल को बड़े और रसूखदार बकायेदार झटका दे रहे हैं। एमडी अभिषेक प्रकाश ने एक लाख से ऊपर बकाये वालों की सूची बनाने के निर्देश दिए तो सूची में 11 हजार 779 उपभोक्ता शामिल हुए। पश्चिमांचल के इन बड़े बकायेदारों पर कंपनी के 532 करोड़ रुपये बकाया हैं। बागपत जिले के कुल राजस्व से भी ज्यादा राजस्व इन बकायेदारों ने दबाकर रखा है। राजस्व लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एमडी ने बकाएदारों की सूची विजिलेंस टीम को मुहैया कराई थी। सूची में शामिल कई उपभोक्ता ऐसे मिले हैं जिनका केस संशोधन के लिए विभाग के पास पेंडिंग है। ऐसे उपभोक्ताओं ने कार्रवाई को गई टीम का कड़ा विरोध किया और संशोधन से संबधित कागज दिखाए। मेरठ जोन के विद्युत नगरीय वितरण खंड तृतीय में भी दो केस इस तरह के सामने आए हैं। विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक पश्चिमांचल में अब तक इस तरह के करीब दर्जन भर मामले सामने आ चुके हैं।
पीवीवीएनएल से मिले आंकड़ों के मुताबिक एक लाख से ऊपर के 11 हजार 779 उपभोक्ता हैं, जिन पर कंपनी का 532 करोड़ रुपये बिल बकाया है। यानि एक उपभोक्ता पर औसतन साढ़े चार लाख रुपये से भी ऊपर बकाया है। विभाग जहां एक हजार रुपये बकायेदारों के कनेक्शन तुरंत काट देता है, वहीं इन रसूखदार उपभोक्ताओं पर कार्यवाही करने से बचता है। इसके परिणाम स्वरूप इन पर इतना मोटा बकाया होता चला जाता है।
औसतन साढ़े चार लाख के बकायेदार
एक लाख से ऊपर के 11 हजार 779 उपभोक्ताओं पर कंपनी के 532 करोड़ रुपये बकाया हैं। इन सभी से बिल वसूल करनेे के लिए निर्देश दिए गए हैं। विजिलेंस टीम भी विद्युत अधिकारियों के साथ छापेमारी के लिए जा रही है। बकाया बिल जमा नहीं करने पर कनेक्शन काटे जा रहे हैं। पेंडिंग केस वाले उपभोक्ताओं के नाम शामिल हुए है तो अधिकारियों से जवाब लिया जाएगा। - अभिषेक प्रकाश, एमडी पीवीवीएनएल मेरठ