फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मिशन 2019: इतिहास में पहली बार एक मंच पर आए यूपी के ये तीन दिग्गज, जानें क्या है मकसद

Mon, 08 Apr 2019 12:16 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
विज्ञापन
मंच पर एक-साथ मायावती अखिलेश और चौधरी अजित सिंह - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

यूपी में इस बार का लोकसभा चुनाव बेहद खास और दिलचस्प होने वाला है। प्रथम चरण के मतदान से पहले प्रत्येक पार्टी अपने प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने में लगी है। इसी के चलते यूपी की जनता को एक ऐसा नजारा देखने को मिला जो पहले शायद ही कभी दिखा हो। जी हां सपा बसपा और रालोद की गठबंधन रैली के दौरान ऐसा पहली बार हुआ है जब इन तीनों पार्टियों के मौजूदा प्रमुख एक साथ किसी मंच पर दिखाई दिए हों। 

विज्ञापन


पश्चिमी यूपी में होने वाले प्रथम चरण के मतदान के लिए चुनावी मैदान पूरी तरह तैयार है। यही नहीं यहां मंच से एक दूसरे पर पलटवार करने की पार्टियों की जंग भी शुरू हो चुकी है। वेस्ट यूपी की किसान बेल्ट, जाट, मुस्लिम व अनुसूचित वोटों को साधने की कवायद हर नेता कर रहा है, क्योंकि ये पश्चिम यूपी की वे आठ सीटें है जो किसी भी पार्टी के प्रत्याशी को आगे बढ़ा सकती हैं। 

गठबंधन ने इन्हीं को साधने के लिए यूपी के देवबंद में रैली करने का निर्णय लिया। यहां सबसे नई और खास चीज यह थी कि यहां बसपा सुप्रीमो मायावती, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और रालोद सुप्रीमो चौधरी अजित सिंह एकसाथ मंच साझा करते नजर आए। 

बारी-बारी से तीनों प्रमुख नेताओं ने रैली में जनता को संबोधित किया। वहीं कांग्रेस, भाजपा सहित विपक्षी पार्टियों पर जमकर तंज कसे। यहां पहले मायावती ने मंच से हर वर्ग की जनता को साधने की कोशिश की, वहीं अखिलेश यादव ने पीएम मोदी पर जमकर पलटवार किए। 

सबसे अंत में रालोद सुप्रीमो चौधरी अजित सिंह मंच पर पहुंचे और उन्होंने कहा कि मोदी साहब ने वादा किया कि हर एक जेब में पंद्रह लाख रुपये पहुंचाएंगे। देश का प्रधानमंत्री झूठ बोलता है। इसके बाद उन्होंने पीएम मोदी पर कई तल्ख टिप्पणियां कीं। 
विज्ञापन

सहारनपुर लोकसभा सीट मुस्लिम और अनुसूचित-बहुल सीट है। चौधरी अजित सिंह जहां मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट से मैदान में उतर रहे हैं, जो जाट वोट बैंक के हिसाब से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। उनके बेटे जयंत चौधरी बागपत से उम्मीदवार हैं। यहां भी जाट वोटों की संख्या ज्यादा है।

सहारनपुर से मुस्लिम प्रत्याशी फजर्लुरहमान को चुनावी रण में उतारा गया है। बिजनौर से मलूक नागर को चुनावी मैदान में उतारा है, जो गुर्जर समाज से आते हैं। ऐसे में हर वर्ग को साधने की कवायद आज की रैली के माध्यम से गठबंधन द्वारा की गई। 

तीनों पार्टियो के नेताओं ने इस साझा मंच से हर वर्ग और जाति के मतदाताओं को अपने पाले में करने की कोशिश की। ऐसे में मकसद यही है कि तीनों ही पार्टियां किसी भी तरह इन सीटों को हाथ से जाने नहीं देना चाहेंगी। 

हालांकि रैली में काफी संख्या में तीनों ही पार्टियों के समर्थक जुटे दिखाई दिए। वहीं अब देखना यह होगा कि जनता के बीच कौन सी पार्टी अपनी कितनी पैठ बना पाएगी। इन तीनों दिग्गजों के साथ आने का गठबंधन को लोकसभा चुनाव में कितना फायदा मिलेगा। यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन इस रैली से चुनावी समीकरणों में कुछ बदलाव जरूर नजर आएगा।

नोट-  इन खबरों के बारे अपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें