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मिशन 2019 : वेस्ट यूपी के किसानों को राहत देंगे सीएम योगी

Sat, 23 Dec 2017 11:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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सीएम योगी आदित्यनाथ
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मुद्दा और मौका दोनों बड़े हैं। रमाला चीनी मिल के विस्तारीकरण के योगी सरकार के फैसले से तीन जिलों के किसानों को राहत मिलेगी। दूसरे भाजपा का मकसद बड़े चौधरी यानी पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह की कर्मस्थली से वेस्ट यूपी के किसानों को अपनेपन का भरोसा दिलाना भी है। सीएम योगी आदित्यनाथ लोकसभा चुनाव से पहले रालोद का गढ़ रहे क्षेत्र में किसान राजनीति की सियासत के तीर भी छोड़ते दिखेंगे।
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रालोद की राजनीति के पिछले पांच साल के पन्ने पलटें तो नतीजे निराशाजनक ही हैं। वर्ष 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव में रालोद छपरौली तक सिमटकर रह गया। लोकसभा चुनाव में छोटे चौधरी रालोद अध्यक्ष अजित सिंह हार गए। निकाय चुनाव में बागपत की राजनीति के केंद्र बिंदू बड़ौत में भाजपा को जीत मिली। यह नतीजे बताते हैं कि स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह की कर्मस्थली में भाजपा बढ़ी और रालोद कमजोर हुई है। सियासत की इसी बढ़त को बनाए रखने और किसानों को उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने का अहसास दिलाने के लिए ही किसान दिवस पर भाजपा ने विस्तारीकरण की प्राथमिकता में बागपत चीनी मिल के बजाय रमाला मिल को चुना। इस चीनी मिल के चयन से भाजपा ने एक तीरे से कई निशाने साधे हैं। 

रालोद के इकलौते विधायक सहेंद्र सिंह इसी रमाला गांव के रहने वाले हैं। यह क्षेत्र छपरौली विधानसभा का है। इसी क्षेत्र से चौधरी चरण सिंह पहले विधानसभा और फिर लोकसभा में अजेय रहे। देशभर में इस क्षेत्र को चौधरी चरण सिंह और रालोद का क्षेत्र माना जाता है। यही कारण है कि लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ किसानों को साधने की कोशिश करेंगे। कुछ घोषणाएं और भरोसा भी दिलाया जा सकता है। लेकिन भाजपा का मकसद साफ है। वेस्ट यूपी के किसानों को योगी के नेतृत्व में यह बताना चाहते हैं कि भाजपा भी उनके साथ खड़ी है।
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पढ़ें : रालोद के गढ़ में गरजेंगे मुख्यमंत्री योगी, सुरक्षा के रहेंगे कड़े इंतजाम
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याद दिलाए जा रहे जनसंघ के रिश्ते

पंडाल तैयार - फोटो : अमर उजाला
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भाजपाइयों ने आम लोगों को यह भी याद दिलाया कि जनता दल की सरकार में जनसंघ भी शामिल था। यही नहीं चौधरी चरण सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी एक सरकार में साथ रहे। यही नहीं जब प्रधानमंत्री के पद को लेकर जब मोरारजी देसाई और जगजीवन राम के नाम पर अंतिम मुहर लगनी थी तो अटल बिहारी वाजपेयी रही अस्पताल में भर्ती बड़े चौधरी के पास मुद्दे का समाधान निकालने के लिए गए थे।

इनसेट
बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर
रमाला चीनी मिल के विस्तारीकरण से बागपत के अलावा शामली और मुजफ्फरनगर के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। मिल की पेराई क्षमता बढ़ेगी और कोजन प्लांट से बिजली बनेंगी। इससे तीनों जिलों के किसानों को लाभ की उम्मीद है। मलकपुर के बाद यह जिले की दूसरी बड़ी मिल होगी।

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