मेरठ। अब्दुल्लापुर स्थित इमामबारगाह कोट में ईरानी फोर्स के कमांडर सरदार जनरल कासिम सुलेमानी और कमांडर अबु मेहंदी को याद किया गया। तीन जनवरी को अमेरिकी हमले में जनरल कासिम सुलेमानी और अबु मेहंदी समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। मजलिस को मौलाना मुजिबुल हसन आबादी ने खिताब किया। मर्सियाख्वानी असगर मेहंदी और हमनवां ने की। पेशख्वानी मौलाना वसी हैदर ने की। उन्होंने कहा कि आतंकवादी गुट आईएसआईएस का खात्मा करने में जनरल कासिम सुलेमानी ने महत्वपूर्ण भमिका निभाई थी। इराक में बंधक 44 भारतीय नर्सों को आजाद कराया था। वहीं, भारत के बीच व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने का काम किया था। इस दौरान हाजी दाउद हसन, हाजी जौहर अब्बास, शाकिर अली हसन, रजा अहमद, रोशन अब्बास, मोहम्मद रजा उर्फ पीरू, चांद हुसैन आदि रहे।