इस्लामिक देशों में जिहाद के जुल्म के शिकार अल्पसंख्यकों को मिलेगा सीएए का फायदा
मेरठ। नागरिक संशोधन कानून का सड़कों पर हो रहा विरोध और देश में कुछ लोगों द्वारा की जा रही अराजकता को लेकर रविवार को धर्म संवाद का आयोजन किया गया।
सांस्कृतिक गौरव संस्थान व संस्कार भारती के संयुक्त तत्वावधान में चौ. चरण सिंह विवि के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में आयोजित धर्म संवाद का शुभारंभ मां सरस्वती के सम्मुख दीप जलाकर किया गया। सभी बुद्धिजीवियों ने देश हित में जन जागरूकता के लिए युवाओं से आगे आने का आह्वान किया।
शिवशक्ति धाम डासना की महंत व हिंदू स्वाभिमान की राष्ट्रीय अध्यक्ष यति मां चेतनानंद सरस्वती ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) केंद्र सरकार का एक ऐतिहासिक कार्य है। जिससे पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में इस्लामिक जिहाद के जुल्म के शिकार हुए लाखों गैर मुस्लिमों को सहारा मिलेगा। उनको भारत में नागरिकता मिलेगी। जो भी लोग नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे हैं, उन लोगों की मंशा इस देश को इस्लामिक राष्ट्र बनाकर, यहां के सभी गैर मुस्लिमों को पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान की तरह बर्बाद कर देने की है। इसको यह लोग गज़वा ए हिंद कहते हैं।
स्वामी दीपंकर ने कहा कि हर सनातनी को सनातन के सजग प्रहरी के रूप में काम करना चाहिए। अब मठ बडे़ करने से काम नहीं चलेगा। बल्कि संतों को मठों से बाहर निकलकर हिंदु जनजागरण करना होगा। सभी से सनातन संस्कृति का लोहा मनवाना होगा। हम संतों की भी धर्म के प्रति बड़ी जिम्मेदारी है।
आयुषी राणा ने कहा कि कुछ लोग धर्म के नाम पर दुकान खोले बैठे हैं। मठों से बाहर नहीं निकल रहे हैं, जो लोग सीएए का विरोध कर रहे हैं उन्हें ज्ञान ही नहीं कि सीएए भारतीय मुस्लिमों के विरोध में नहीं है। केवल पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में उत्पीड़न का शिकार हो रहे अल्पसंख्यकों को भारत में नागरिकता देने के लिए है। भारत विरोधी लोग अपनी शायरी में भी मजहब के बंटवारे की बात करते हैं।
ब्रिगेडियर राजबहादुर शर्मा ने कहा कि भारत के सामने काफी चुनौतियां हैं। सैनिक शक्ति के आधार पर राष्ट्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता। लेकिन देश में सामाजिक विस्फोट हो रहा है। डा. पीयूष गुप्ता, तुफेल चतुर्वेदी, डा. चित्रा सिंह, कुलदीप तोमर ने भी विचार रखे। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर महेंद्र दास महाराज, मां नीलिमानंद महाराज, दिनेश त्यागी, हरिओम आनंद, राज गोपाल कात्यायन व अनिरुद्ध आदि लोग मंच पर विराजमान रहे। कार्यक्रम में अमर शर्मा, सचिन मित्तल, कपिल त्यागी, कमल नयन भट्ट, आचार्य विवेकानंद डोंडियाल, नीरज मित्तल, अजय गुप्ता आदि मौजूद रहे।