आंखों में दवाई डालने के बाद लेटी महिलाएं।
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जनसेवा के नाम पर बिना परमिशन कैंप लगाकर कथित ‘चमत्कारी’ दवा बेच रहे दो लोगों को भाजपा कार्यकर्ताओं ने घेर लिया। इस आई कैंप में दांतों की बीमारी जड़ से खत्म करने का दावा कर रहे तथाकथित डॉक्टर से जब भाजपा नेताओं ने सवाल-जवाब शुरू किए तो दोनों चुपचाप फरार हो गए।
बृहस्पतिवार को घंटाघर स्थित मुकुंदी देवी धर्मशाला में भाजपा महानगर अध्यक्ष का सम्मान समारोह था। काफी संख्या में कार्यकर्ता वहां पहुंचे तो देखा कि धर्मशाला में एक तरफ महिलाएं जमीन पर लेटी हैं। भाजपा नेता कमल दत्त शर्मा व अन्य लोगों ने महिलाओं से लेटने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि डॉक्टर साहब ने आंख में दवाई डाली है, जिससे काला मोतिया व आंख की अन्य तमाम बीमारियां ठीक हो जाती हैं। रोशनी भी बढ़ती है।
पता चला कि दो लोग चौहान नेत्र धर्मार्थ अस्पताल खड़खड़ी, हरिद्वार का कैंप बताकर दांत और आंख की दवाई 20 और 70 रुपये में बेच रहे हैं, जिन्हें खरीदने के लिए लंबी कतार लगी है। भाजपाइयों ने तथाकथित डॉक्टर से जब उसकी डिग्री और कैंप की परमिशन के बारे में पूछा तो जवाब मिला कि आयुर्वेदिक कैंप के किसी अनुमति की जरूरत नहीं होती।
कमल दत्त शर्मा ने पूछा कि इस दवाई से किसी मरीज की आंख खराब होगी तो कौन जिम्मेदार कौन होगा। इस पर उस शख्स ने जवाब दिया कि आपको इससे क्या लेना-देना। भाजपाई उसे खींचकर बाहर ले आए तो भीड़ देखकर उसने तबियत खराब होने का बहाना बनाया और धीरे से रफूचक्कर हो गया। भाजपाइयों ने दूसरे शख्स की खबर ली तो वह पहले ही हाथ जोड़कर खड़ा हो गया। कहा कि हमारी फर्म आयुर्वेद कार्यालय में पंजीकृत हैं। पंजीकरण संख्या केवल 13 लिखी होने पर शक हुआ तो भाजपाइयों के हंगामे पर वह भी सामान पैक कर धीरे से खिसक गया।