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Meerut News: मां-बहन की गाली दी तो एनर्जी ड्रिंक पीकर नाबालिग ने की हत्या, बार से कोड पकड़ा गया

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सरधना/मेरठ। अक्खेपुर-रार्धना रोड पर मुजफ्फरनगर शहर के मोहल्ला किला निवासी रोहित उर्फ सोनू (28) की हत्या के मामले में पुलिस ने नाबालिग आरोपी टेंपो चालक को बुधवार को किशोर न्यायालय में पेश किया, यहां से उसे बाल सुधार गृह भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि टेंपो में गाना बजाने को लेकर हुए विवाद के बाद नाबालिग ने रोहित से पहले दोस्ती की। उसने रोहित को शराब पिलाई और खुद एनर्जी ड्रिंक पीने के बाद ईंट से वारकर हत्या कर दी थी। उसने पहचान मिटाने के लिए शव को मोबिल ऑयल डालकर जला दिया था। लेकिन शराब के पाउच के बार कोड से पुलिस आरोपी तक पहुंची और वारदात का खुलासा कर दिया।
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सीओ सरधना आशुतोष कुमार के मुताबिक, 16 साल के नाबालिग काे अपने कृत्य का कोई पछतावा नहीं है। पूछताछ में उसने बताया कि रोहित पहले से ही शराब पीकर टेंपो में सवार हुआ था। सोमवार देर शाम वह दादरी से टेंपो में ज्वालागढ़ जाने के लिए बैठा था। टेंपो में रोजाना जाने वाली सवारी भी बैठी थी। इनमें लड़कियां और महिलाएं भी थीं। टेंपो चला तो उसने तेज आवाज में गाना बजा दिया, इसका रोहित ने विरोध किया, वह आराम से कहता तो भी गाने की आवाज कम देता, मगर रोहित ने मां-बहन की गाली देकर तेज आवाज में गाने बजने का विरोध किया, जो उसे बहुत बुरा लगा। उसने गाना बंद कर दिया और टेंपो चलाते हुए सलावा आने तक मन में ठान लिया था कि उसे मारना है। सलावा पहुंचकर बाकी सवारी उतर गईं। 15 मीटर घसीटकर ले जाकर जलाया शव



उसने रोहित से दोस्ती की और शराब पीने का निमंत्रण दिया। सलावा के बाद ज्वालागढ़ के राणा प्रताप सिंह चौराहे पर ले जाकर उसने रोहित काे जमकर शराब पिलाई। जबकि खुद एनर्जी ड्रिंक पी। इसी दौरान वहां पड़ी ईंट से सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी। पहचान छिपाने के लिए शव को 15 मीटर घसीटकर स्कूल की दीवार के पास ले गया। टेंपो में इंजन के लिए रखे मोबिल ऑयल, पत्ते व कपड़े डालकर आग लगा दी। घटना के समय स्कूल के चौकीदार जनक सिंह ने सोमवार रात करीब आठ बजे आग जलती देखी थी। पास जाकर देखने पर केवल हाथ की उंगलियां दिखाई दीं। इसके बाद उन्होंने शोर मचाकर ग्रामीणों और पुलिस को सूचना दी। मंगलवार को गांव ज्वालागढ़ निवासी अंकित कश्यप ने शव की फोटो और जूते देखकर मृतक की पहचान अपने मौसेरे भाई रोहित उर्फ सोनू पुत्र सुरेंद्र के रूप में की। पहचान होने के बाद मौसी मदनवती की तहरीर पर सरधना थाना पुलिस ने अज्ञात में हत्या की प्राथमिकी दर्ज की।
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शादी के लिए लड़की देखने मुंबई से आया था परिजनों के अनुसार, रोहित उर्फ सोनू मुंबई में हलवाई का काम करता था। तीन भाइयों में वह छोटा था और अभी तक उसकी शादी नहीं हुई थी। शादी के लड़की देखने के लिए वह मुंबई से सोमवार को आया था। सोमवार शाम को ही वह टेंपो से अपनी मौसी मदनवती से मिलने लिए उनके घर ज्वालागढ़ जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में ही उसकी हत्या कर दी गई।




ठेके के सीसीटीवी फुटेज से हुई पहचान



रोहित हत्याकांड में पुलिस तकनीकी सबूतों के आधार पर नाबालिग आरोपी तक पहुंची और हत्याकांड का खुलासा किया। सीओ आशुतोष कुमार के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सीसीटीवी कैमरे में टेंपो दिखाई दिए। इसके बाद जांच में पता चला कि मृतक युवक और आरोपी किशोर और नाबालिग चालक का टेंपो में विवाद हुआ था। इस विवाद के बाद के बाद दोनों सलावा में सड़क किनारे बैठकर बात कर रहे थे। जांच के दौरान पुलिस को शराब के पाउच मिले। पाउच पर मौजूद बारकोड को स्कैन किया। इससे जानकारी मिलने पर पुलिस खेड़ा गांव के ठेके तक पहुंची। ठेके में लगे सीसीटीवी में आरोपी किशोर और रोहित एक साथ दिखाई दिए। सीसीटीवी में दिखे दोनों के कपड़ों और हुलिए के आधार पर पुलिस ने पहचान सुनिश्चित की और किशोर तक पहुंचने में सफलता हासिल की।



दिमाग पर असर डालते हैं एनर्जी ड्रिंक के कैमिकल
सीएचसी सरधना के प्रभारी डॉ. संदीप कुमार गौतम ने बताया कि सामाजिक ताना-बाना कमजोर होने के साथ-साथ किशोरों और युवाओं में बढ़ता एनर्जी ड्रिंक का चलन उनकी सोच-समझने की क्षमता को प्रभावित कर रहा है। एनर्जी ड्रिंक में मौजूद कैमिकल दिमाग पर तेज असर डालते हैं। इससे आवेश में लिए गए फैसले अपराध का रूप ले लेते हैं। इस हत्याकांड में भी यही सामने आया है।
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