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सात समंदर पार से लौटे मेहमान: हस्तिनापुर वेटलैंड में बढ़ी हलचल, जलाशयों में प्रवासी पक्षियों की अठखेलियां

Thu, 20 Nov 2025 11:50 AM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

शीत ऋतु शुरू होते ही सात समंदर पार कर हजारों प्रवासी पक्षी हस्तिनापुर सेंक्चुअरि के वेटलैंड में पहुंचने लगे हैं। भीमकुंड और आसपास के जलाशयों में दुर्लभ प्रजातियों का जमावड़ा दिख रहा है, जिससे पक्षी प्रेमी और वन विभाग उत्साहित हैं।
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वेटलैंड में पहुंचे प्रवासी पक्षी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सर्दी का मौसम शुरू होते ही सात समंदर पार कर हस्तिनापुर सेंक्चुअरि के वेटलैंड क्षेत्र में प्रवासी पक्षियों का आगमन शुरू हो गया है। इस समय दुर्लभ प्रजाति के पक्षी जलाशयों में अठखेलियां कर पक्षी प्रेमियों को आकर्षित कर रहे हैं।

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हस्तिनापुर सेंक्चुअरि का वेटलैंड क्षेत्र जैव विविधताओं से भरपूर होने के चलते प्रवासी और अप्रवासी पक्षियों की पहली पसंद बना हुआ है। इसके चलते यहां कई स्थानों पर लंबे समय से प्रवासी पक्षी आते रहे हैं।

हालांकि कभी-कभी इनकी संख्या काफी कम भी हो जाती है, किंतु इस बार भीमकुंड वेटलैंड के आसपास विभिन्न जलाशयों में प्रवासी पक्षियों ने अपना डेरा जमा लिया है। जलाशयों में इनकी अठखेलियां पक्षी प्रेमियों को काफी आकर्षित कर रही हैं।
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वन विभाग की डीएफओ वंदना फौगाट ने बताया कि शीत ऋतु के प्रारंभ से ही हस्तिनापुर क्षेत्र के वेटलैंड में सैकड़ों प्रजाति के विदेशी प्रवासी पक्षी आना शुरू हो जाते हैं। जिनकी संख्या हजारों में होती है। जलाशयों के आसपास इन प्रवासी पक्षियों का जमावड़ा इन दिनों देखने को मिल रहा है। पक्षी विशेषज्ञों का कहना है कि अक्तूबर-नवंबर माह में यूरोपीय देशों में ठंड अधिक होने के कारण बर्फ जम जाती है।

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हजारों किलोमीटर करते हैं सफर
यह प्रवासी पक्षी हस्तिनापुर सेंक्चुअरि के वेटलैंड में पहुंचने के लिए कई हजार किलोमीटर का सफर तय कर यहां पहुंचते हैं। यहां वह तीन से चार महीना रुकते हैं और इसके बाद पुनः लौट जाते हैं। कई प्रजाति के पक्षी ऐसे हैं जो पांच से दस हजार किलोमीटर की यात्रा कर हिमालय को पार करते हुए यहां पहुंचते हैं। सर्दी के साथ-साथ भीमकुंड वेटलैंड में अब पक्षियों की तादाद बढ़ती जा रही है। 

हस्तिनापुर सेंक्चुअरि में 16 वेटलैंड मौजूद
हस्तिनापुर सेंक्चुअरि में दो लाख से भी ज्यादा प्रवासी पक्षी हर साल यहां आते हैं। यहां वन विभाग और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ 16 ऐसे वेटलैंड चिह्नित कर चुका है जहां प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। इस बार अधिक बारिश होने से वेटलैंड क्षेत्र की झीलों में अधिक पानी भरा होने से भरपूर भोजन है। यहां प्रवासी पक्षियों के झुंड देखे जा रहे हैं जो भोजन के लिए विचरण करते हैं। इससे वन विभाग के अधिकारी भी उत्साहित हैं। हस्तिनापुर वेटलैंड क्षेत्र में 300 से अधिक प्रजाति के प्रवासी पक्षी प्रतिवर्ष पहुंचकर प्रजनन करते हैं और अपने कुनबे को बढ़ाकर मार्च-अप्रैल माह में लौट जाते हैं।

इन दुर्लभ प्रजातियों के प्रवासी पक्षी आते हैं यहां
सेंक्चुअरि भीमकुंड वेटलैंड में कॉमन कूट, नार्दर्न पिनटेल, मनकूट, नार्दर्न शॉवलर, कॉमन पॉचार्ड, टफ्टेड पॉचार्ड, रेड क्रेस्टेड पॉचार्ड, कॉमन टील, बार हेडेड गूज, रडी शेल डक, ग्रे लेग गूज, पालास गल, ग्रेटर फ्लेमिंगो, ग्रेट व्हाइट पेलिकन, व्हाइट टेल लेपविंग, येल्लो वाटल्ड लेपविंग, लिटिल ग्रिब, कोटन पिगमि गूज व्हिलिंग टील, पेंटेड स्टॉर्क, ब्लैक स्टॉर्क, वृली नेक्ड स्टॉर्क, सेंडपाइपर्स, स्टिंट, प्लोवरस सहित कई दुर्लभ प्रजातियों के प्रवासी पक्षी देखने को मिलते हैं। 
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