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मेट्रो ट्रेन पर काम से पहले बनाएं यातायात व्यवस्था

Fri, 09 Sep 2016 02:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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शहर में मेट्रो ट्रेन का काम शुरू करने से पहले शासन ने यातायात व्यवस्था बनाने के लिए योजना तैयार करने को कहा है। साथ ही पूछा है कि ऐसी कौन सी तीन कनेक्टिंग रोड हैं जिन पर ट्रैफिक कंट्रोल होना चाहिए। उधर यहां इस बाबत ब्लू प्रिंट तैयार किया जा रहा है। इस बाबत शासन को भी सूचना प्रेषित करने की तैयारी है।
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सीएम अखिलेश यादव का मेट्रो ट्रेन ड्रीम प्रोजेक्ट है। लखनऊ में काम शुरू हो चुका है तो मेरठ की डीपीआर प्रदेश सरकार को भेजी जा चुकी है। मुख्य सचिव इसे हरी झंडी भी दे चुके हैं। कवायद यह है कि इस साल यहां काम शुरू हो जाए। इसके दो कॉरिडोर बनाए गए हैं। पहला कॉरिडोर परतापुर से पल्लवपुरम तक है। दूसरा कॉरिडोर श्रद्धापुरी से गोकलपुर तक है। एक कॉरिडोर एलीवेटिड है तो दूसरा अंडर ग्राउंड।

व्यवस्था बनाना आसान नहीं
दिल्ली रोड का जाम किसी से छिपा नहीं है। कॉरिडोर एक का बड़ा भाग भी इसी रोड पर है। यहां कहीं एलीवेटिड तो कहीं अंडर ग्राउंड मेट्रो दौड़ेगी। भैंसाली अड्डे केसामने रोज जाम लगता है। ऐसे में जब यहां काम शुरू होगा तो क्या हाल होगा? कही सड़क के  ऊपर ट्रैक जाएगा तो कहीं सड़क के नीचे खुदाई होगी। पूरी टनल बिछाई जाएगी। ऐसे में पूरी तरह से ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी। हजारों लोग यहां से दिल्ली तक का सफर तय करते हैं। वे कैसे दिल्ली तक का सफर तय कर सकेंगे।
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टर्न पर फिर होगी गड़बड़ी
बेगमपुल होते हुए मेट्रोमेडिकल की तरफ जाएगी तो गढ़ रोड पर भी हाल बुरा होगा। बेगमपुल पर तो वैसे ही जंक्शन है। यहां दोनों कॉरिडोर मिलेंगे। ऐसे में यहां व्यवस्था बनाना चुनौती होगा। गढ़ रोड पर एलीवेटिड ट्रैक रहेगा पर काम शुरू होते ही उस रोड पर भी व्यवस्थाएं पूरी तरह से ध्वस्त हो जाएगी।

शासन ने कहा रोड करो चिह्नित
हालांकि एमडीए इस प्लान पर पहले ही काम कर रहा था पर अब प्रदेश सरकार ने कहा है कि इस बाबत ब्लू प्रिंट तैयार करो। कैसे यातायात व्यवस्था बनाई जाएगी। वहीं यहां प्लान यह है कि  दिल्ली से आने वाले ट्रैफिक को मोदीनगर के पास से डायवर्ट किया जाएगा। हापुड़ रोड पर यहां खरखौदा में रोड दिल्ली रोड को मिला रही है। जोर रहेगा कि उधर जाने वाला ट्रैफिक वहीं से डायवर्ट हो। मोदीनगर से बागपत रोड की तरफ जाने वाले रूट को पहले ही गंगनहर की पटरी से गुजारने का प्लान है। इंटरनल ट्रैफिक प्लान पर भी काम शुरू करने की बात कही जा रही है। हालांकि इस पर बड़ी मशक्कत अभी बाकी है। गंगनहर मार्ग बनाने के लिए पीडब्लूडी ने शासन को रिपोर्ट भेजी है। साथ ही पांच हजार पेड़ काटने का प्रस्ताव भी भेजा है।

बनानी होगी ये सड़कें
इनर रिंग रोड बनानी होगी। यह एकमात्र ऐसी रोड है जो इस समस्या के निदान के लिए सबसे बड़ा काम करेगी। सुपरटेक चौराहा से यह रोड हापुड़ रोड, वहां से बिजनौर रोड को मिला रही है। इधर दिल्ली बाईपास को मिला रही है। दूसरे चरण में बिजनौर रोड से घूमकर इसे फिर से रुड़की रोड से मिलाने का प्रस्ताव है। इस सड़क को बनाकर ही यहां ट्रैफिक व्यवस्था को थोड़ा कंट्रोल किया जा सकेगा।

परतापुर की महायोजना रोड
परतापुर में प्रवेश के बाद हवाई पट्टी को जाने वाली रोड बिजली बंबा बाईपास से मिलना प्रस्तावित है। लेकिन यहां लगभग पांच सौ मीटर हिस्से पर अवैध टाउनशिप डेवलेप हो गई है। यह रोड  बनानी होगी। तभी ट्रैफिक बिजली बंबा चौकी होते हुए शहर में प्रवेश कर सकेगा।

जुर्रानपुर फाटक
यहां रेलवे ने तो हवा में पुल बना दिया है पर इसका अभी पूर्ण निर्माण होना है।हवा में लटके पुल को सड़क से जोड़ना होगा। जमीन लेकर दोनों तरफ मार्ग बनाकर इसे जोड़ना होगा। इस साल हर हाल में ओवरब्रिज बनाना ही होगा। यदि महायोजना की सड़क बन भी गई और यह पुल नहीं बना तो यहां जाम की समस्या होगी, जिससे पार पाना टेढी खीर साबित होगा। किसानों से यहां इस बाबत लगातार प्रयास किया जा रहा है।
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