- 1400 चेक मीटरों की आई रिपोर्ट, स्मार्ट मीटर को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने में जुटे बिजली अफसर
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। स्मार्ट मीटर को उपभोक्ताओं के बीच फैली भ्रांतियों को दूर करने में बिजली अफसर जुटे हैं। मुख्य अभियंता मेरठ जोन प्रथम मुनीश चोपड़ा के निर्देश पर 1400 उपभोक्ताओं के मीटर के साथ ही चेक मीटर लगाए गए। इनकी रिपोर्ट आई तो पहले लगे मीटर और चेक मीटरों की रिपोर्ट में बिजली रीडिंग में कोई अंतर नहीं मिला।
आरडीएसएस योजना के तहत शहर में लगभग 61 हजार उपभोक्ताओं के यहां लगे स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से 14 हजार स्मार्ट मीटर प्रीपेड में बदल गए। स्मार्ट मीटरों के तेज चलने, गलत रीडिंग आने समेत उपभोक्ताओं की शिकायतों और भ्रांतियों को दूर करने में एमडी ईशा दुहन के निर्देश पर पश्चिमांचल के सभी 14 जिलों में बिजली अफसर स्मार्ट मीटर के प्रति उपभोक्ताओं में विश्वास बनाने के लिए अभियान चला रहे हैं। शहर में करीब 1400 उपभोक्ताओं के लगे मीटरों के साथ ही चेक मीटर के तौर पर स्मार्ट मीटर लगवाए गए। अधिशासी अभियंता कॉमर्शियल-1 महेश कुमार के नेतृत्व में इनकी जांच कराई जा रही है। मेरठ समेत पश्चिमांचल के किसी भी जिले में मीटर और चेक मीटर में बिजली खपत (रीडिंग) में कोई अंतर नहीं मिला। जांच पड़ताल होने पर दोनों मीटर में बिजली की खपत एक समान आई।
मुख्य अभियंता मुनीश चोपड़ा ने बताया कि उपभोक्ताओं के बीच स्मार्ट मीटर को लेकर विभिन्न भ्रांतियों को दूर करने के लिए 1400 उपभोक्ताओं के यहां पूर्व में लगे मीटरों के साथ चेक स्मार्ट मीटर लगाए। अभी तक 700 से अधिक मीटरों की जांच रिपोर्ट आई तो रीडिंग में कोई अंतर नहीं मिला। स्मार्ट मीटर से कोई नुकसान नहीं है। मोबाइल पर बिल, रीडिंग, खपत देखी जा सकती है। गलत रीडिंग की कोई भी गुंजाइश नहीं होती। घर बैठे रिचार्ज कर सकते है। स्मार्ट मीटर तेज नहीं चलता है।