संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला। सकौती स्थित राणा फार्म हाउस में बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने पर विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में वक्ताओं ने एकजुटता पर बल दिया और संघ शताब्दी वर्ष की बधाई दी।
हिंदू सम्मेलन समिति अध्यक्ष विवेक शर्मा की देखरेख में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर विराट हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सम्मेलन में महर्षि पतंजलि अंतरराष्ट्रीय योग विद्यापीठ पुरकाजी के संस्थापक योग ऋषि स्वामी कर्मवीर महाराज, नंगली तीर्थ महामंडलेश्वर स्वामी शिव प्रेमानंद महाराज, आरएसएस के विभाग प्रचारक विनीत कौशल मुख्यातिथि रहे।
विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना, अरावली को बचाओ और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर झांकी प्रस्तुत की। वक्ता विनीत कौशल ने कहा कि हिंदू संगठित नहीं हैं, अपने रास्ते से भटक गया है।मजार पर ज्यादातर हिंदू समाज के लोग चादर चढ़ाने जाते हैं। स्वामी कर्मवीर महाराज ने कहा कि हिंदुओं को एक धागे में बांधने वाले संघ के 100 वर्ष पूर्ण हुए हैं। जब तक जागोगे नहीं तो आगे नहीं निकल पाओगे। महर्षि दयानंद सरस्वती ने काली पलटन पर सैनिकों को प्रेरणा दी थी। संघ ने एकता के 5 बिंदु दिए हैं जिनमें सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, शादी की वर्षगांठ, परिवार प्रबोधन, स्वदेशी अपनाना और नागरिक कर्तव्य हैं। इनको अपना कर संगठित रहेंगे तो हिंदू राष्ट्र की ताकत बनेंगे। जब तक भारत में गुरुकुल नहीं होंगे तब तक भारत सोने की चिडिया नहीं बन सकता।
महामंडलेश्वर स्वामी शिव प्रेमानंद महाराज ने कहा कि देश की संस्कृति भी एकता का संदेश देती है। भारत ऋषि मुनियों, तपस्वियों और योगियों की भूमि है। सम्मेलन में सहकारी विकास बैंक के चेयरमैन विमल शर्मा, समीर चौहान, प्रवीण प्रधान, मनोज राणा, पीयूष, नवाब सिंह, रवि चौधरी, केपी नगली, संजय नाथ, राजकुमार चौधरी, टीकम सिंह, गोविंद आचार्य, ओमपाल गुर्जर, अनिता, दीपक, आशीष आदि मौजूद रहे।
दौराला - हिंदू सम्मेलन में संबोधित करते योग स्वामी कर्मवीर। स्रोत : संवाद