25 साल के रविश की मौत का मामला हत्या और आत्महत्या में उलझ गया है। मृतक रविश के पिता प्रह्लाद सिंह ने इस मामले में ईंट भट्ठा मालिक और तीन शिक्षकों पर हत्या का केस दर्ज कराया है। वहीं दूसरी तरफ सुसाइड नोट के अनुसार रविश ने मौत का मुख्य कारण आर्थिक तंगी और समाज के लोगों द्वारा मेहनत मजदूरी के रुपये समय पर नहीं देना बताया।
लिखा कि मुजफ्फरनगर के एक डिग्री कॉलेज में नौकरी लगवाने के नाम पर पिता ने जमीन बेचकर रुपये दिये थे। लेकिन नौकरी नहीं लगी और परिवार कर्ज में डूबता चला गया। उसने उन लोगों के नाम भी लिखे, जिन पर रुपये हैं। साथ ही अपील की कि मेरी तेरहवीं से पहलेे ही मेरी मेहनत मजदूरी के रुपये मेरे पापा को रुपये लौटा देना। सुसाइड नोट में उसने मौत का खुद को जिम्मेदार माना। इस मौत से किसी को कोई मतलब नहीं होने की बात लिखी। पुलिस के अनुसार सुसाइड नोट कब्जे में ले लिया गया है।
मुझे सबने धोखा दिया
रविश ने सुसाइड नोट में लिखा कि मुझे सबने धोखा दिया। शिक्षकों ने पैसे नहीं लौटाए तो भट्ठा मालिक ने मजदूरी नहीं दी। हर्रा निवासी एक ठेकेदार पर भी उसने कुछ रुपये बताए। साथ ही मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। कहा कि परिवार की आर्थिक हालत पहले ही बेहद कमजोर थी। उस पर मैं खुद परिवार पर बोझ बन गया था। वहीं, रविश के पिता ने कहा कि जो लोग उसके बेटे की मौत के जिम्मेदार हैं, उन्हें सजा जरूर दिलवाकर रहूंगा।