एक देश, एक टैक्स। कैसे बदलेगा कारोबार का तरीका। देश का सबसे बड़ा टैक्स सुधार कहा जाने वाले जीएसटी को लेकर जीएसटी लागू होने से पहले भी तमाम तरह की जिज्ञासाएं, सवाल और भ्रम हैं, जो परेशान कर रहे हैं। आज से जीएसटी के साथ व्यापारी किस तरह से कारोबार करेंगे, इन अनसुलझे सवालों और इन्हें लेकर जो असमंजस की स्थिति है इसे दूर करने की कोशिश अमर उजाला ने की। शुक्रवार को अमर उजाला कार्यालय में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें वाणिज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर वीएन सिन्हा, असिस्टेंट कमिश्नर पीपी सिंह और डिप्टी कमिश्नर रश्मि श्रीवास्तव और शहर के कारोबारी मौजूद रहे। उन्होंने व्यापारियों से बात की। व्यापारियों के सवालों के जवाब दिए और जिज्ञासाओं का समाधान किया।
जीएसटी को लेकर व्यापारियों के सवाल, वाणिज्य कर अधिकारियों के जवाब
मनजीत सिंह कोछड़- जिसे कंप्यूटर-इंटरनेट की जानकारी नहीं, वह कैसे जीएसटी का पालन कर पाएगा।
जवाब- व्यापारी कंप्यूटर-इंटरनेट जानकार की मदद ले सकता है। लेकिन यह जरूरी है, चीजें ऑनलाइन ही होंगी।
अरुण वशिष्ठ- जीएसटी लागू होने के बाद भी क्या इसकी कार्यशालाएं होंगी।
जवाब- जीएसटी लागू होने के बाद भी कार्यशालाएं जारी रहेंगी। लोगों को जीएसटी के प्रति जागरूक किया जाता रहेगा। हेल्प डेस्क बनाई जाएंगी।
गौरव शर्मा- क्या ट्रांसपोर्टर को टैक्स देना पड़ेगा। हम तो विभिन्न टैक्स पहले ही देते आए हैं। ट्रांसपोर्टर सुविधा प्रदत्त सेवा है। इसे तो जीएसटी से मुक्त होना चाहिए।
जवाब- ट्रांसपोर्टर को सीधा टैक्स नहीं देना होगा। इसकी कैटगरी अलग रहेगी। हालांकि इसे जीएसटी से मुक्त नहीं रखा गया है।
मनोज अग्रवाल- जीएसटी लागू होने की तारीख पर आईटीसी कैरी फार्वर्ड करने की क्या व्यवस्था है।
जवाब- जीएसटी लागू होने की तिथि पर उपलब्ध आईटीसी कैरी फार्वर्ड होगी। व्यापारी के पिछले छह माह के सभी रिटर्न दाखिल होने चाहिए।
लोकेश अग्रवाल- वैट में कर मुक्त और जीएसटी में कर योग्य वस्तु केस्टॉक का क्या होगा।
जवाब- उपलब्ध स्टॉक में कच्चे माल, सेमीफिनिश्ड गुड्स, फिनिश्ड गुड्स से संबंधित एक वर्ष के अंदर खरीद की गई वस्तुओं से संबंधित इनवायस में अंकित कर की समस्त धनराशि दी जाएगी।