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विकास का मुद्दा उठाने पर सदस्य पति को बोर्ड बैठक में पीटा

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मेरठ। जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में विकास का मुद्दा उठाने पर दबंगों ने वार्ड 13 की सदस्य हेमा चौहान के पति मनोज चौहान को बोलने पर जमकर पीटा। उनके कपड़े भी फाड़ दिए गए। यह दबंगई जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिंह के साथ आए लोगों ने कलक्ट्रेट में भाजपा विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दिखाई।
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कलक्ट्रेट स्थित जिला पंचायत सभागार में आयोजित बोर्ड बैठक में तमाम सदस्य अपनी-अपनी बात रख रहे थे। जैसे ही वार्ड 13 की सदस्य हेमा चौहान ने अपने क्षेत्र में विकास न होने की बात रखी तो जिपं. अध्यक्ष ने उन्हें बैठने को कहा। इस पर बैठक में मौजूद उनके पति मनोज चौहान ने विरोध दर्ज करा दिया। इस पर जिपं. अध्यक्ष ने मनोज चौहान को बैठक से बाहर निकालने की बात कही तो बैठक में हंगामा होना शुरू हो गया। लगा कि बैठक के बीच ही हाथापाई हो जाएगी। लेकिन किसी तरह मामला ठंडा हो गया। लेकिन जैसे ही बैठक समाप्त हुई और मनोज चौहान पत्नी हेमा चौहान के साथ बाहर निकले, तो आरोप है कि बैठक में जिपं. अध्यक्ष के साथ आए बाहरी युवकों ने मनोज चौहान को घेर लिया और पीटना शुरू कर दिया। जिससे वहां अफरातफरी मच गई। इस मारपीट में मनोज चौहान के कपड़े फट गए। पूरा हंगामा सीडीओ ईशा दुहन, किठौर विधायक सत्यवीर त्यागी और कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल की मौजूदगी में हुआ।
बैठक में नजर आया दोहरा व्यवहार
बोर्ड बैठक में सदस्य हेमा चौहान के पति को बोलने पर जिपं. अध्यक्ष ने कड़ी फटकार लगाई, तो दूसरी तरफ सदस्य रजनी सोम के पति सपा नेता ठा. विनोद कुमार कई बार बैठक में बोले। लेकिन उन्हें किसी ने नहीं टोका। इसे लेकर बैठक में चर्चा रही कि वह जिला पंचायत अध्यक्ष खेमे के हैं।
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पहले भी हो चुकी मारपीट
जिला पंचायत का वर्तमान बोर्ड हर बैठक में विवादों से घिरा हुआ रहा है। निर्वाचित बोर्ड की पहली बैठक में निवर्तमान जिपं. अध्यक्ष सीमा प्रधान के साथ आए बाहरी लोगों ने न केवल बैठक में जमकर हंगामा काटा था, बल्कि बैठक में मौजूद विपक्षी सदस्यों के साथ जमकर मारपीट भी की थी। उस समय प्रदेश में सपा सरकार थी और सपा नेता अतुल प्रधान की पत्नी सीमा प्रधान जिपं. अध्यक्ष थीं। इसके बाद लगभग सभी बैठकों में हंगामा हुआ और अहम बात ये रही कि बोर्ड बैठक में बाहरी लोगों का आना बंद नहीं हुआ।
जब साल 2017 में भाजपा सरकार आई तो अध्यक्ष सीमा प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आ गया। इसके बाद हुए उपचुनाव में भाजपा के कुलविंदर सिंह अध्यक्ष निर्वाचित हुए। लेकिन बैठक में बाहरी लोगाें का आना पहले से ज्यादा बढ़ गया और हंगामा भी हर बैठक में हुआ। सदस्यों ने कई बार बाहरी लोगों के बैठक में मौजूद होने पर आपत्ति भी जताई। लेकिन आज तक इस पर कोई विचार नहीं किया गया।
आरोप पूरी तरह गलत
मारपीट की घटना कार्यालय परिसर के बाहर हुई। हमारे किसी आदमी का इसमें कोई रोल नहीं है। बल्कि मेरे पिता शोर सुनकर बाहर आए और सदस्य मनोज चौहान को कार्यालय में लेकर आए। इसके बाद उनकी जो कमीज फट गई थी, वह भी हमने ही बदलवाकर दी है। मेरे किसी आदमी ने कोई मारपीट नहीं की, आरोप पूरी तरह गलत हैं। -कुलविंदर सिंह, अध्यक्ष जिला पंचायत
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