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UPSC CSE 2025 Result: मेरठ के तुषार ने हासिल की 395वीं रैंक, तीसरे प्रयास में पाई सफलता; भावुक हुए पिता

Fri, 06 Mar 2026 05:41 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा 2025 में मेरठ के तुषार गिरि ने 395वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया। तीसरे प्रयास में मिली इस सफलता के बाद परिवार और क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। पिता ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया।

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तुषार गिरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा 2025 का परिणाम जारी होते ही मेरठ के युवा तुषार गिरि ने 395वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार, गांव और पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया। तुषार को यह सफलता तीसरे प्रयास में मिली है। उन्होंने मुख्य परीक्षा में दर्शनशास्त्र (फिलॉसफी) को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना था।

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इंटरव्यू के दौरान बोर्ड ने उनसे पहला सवाल उनके जीवन दर्शन (लाइफ फिलॉसफी) को लेकर पूछा था। तुषार ने इसका संतुलित और प्रभावशाली उत्तर दिया, जिससे बोर्ड के सदस्य काफी प्रभावित हुए और आखिरकार उन्हें सफलता मिली।

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गांव खटकी से मेरठ तक का सफर
तुषार गिरि मूल रूप से किला परीक्षितगढ़ क्षेत्र के गांव खटकी के निवासी हैं। उनका परिवार वर्तमान में मेरठ के शास्त्रीनगर में रहता है। उनके पिता शशिभूषण गिरि केंद्रीय विद्यालय में वाइस प्रिंसिपल हैं, जबकि माता नीता रानी गृहिणी हैं। बेटे की सफलता पर परिवार में खुशी का माहौल है।

केंद्रीय विद्यालय से लेकर NIT पटना तक की पढ़ाई
तुषार ने अपनी स्कूली शिक्षा केंद्रीय विद्यालय मेरठ से पूरी की, जहां उन्होंने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने एनआईटी पटना से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका चयन प्रतिष्ठित कंपनी एलएंडटी (L&T)में हो गया, जहां उन्होंने कुछ समय तक नौकरी भी की।

बचपन से था सिविल सेवा में जाने का सपना
तुषार बताते हैं कि सिविल सर्विसेज में जाना उनका बचपन का सपना था। हालांकि इंजीनियरिंग करने के बाद उन्होंने कुछ समय उद्योग जगत में अनुभव लेने का निर्णय लिया। इसके बाद उन्होंने पूरी तरह से यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी।

योगी परमहंस से प्रेरणा
तुषार आध्यात्मिक चिंतन से भी गहराई से जुड़े हुए हैं। वे योगी परमहंस के विचारों से काफी प्रभावित हैं और उनकी आत्मकथा उनकी पसंदीदा किताबों में शामिल है। स्कूल के दिनों में तुषार एक उत्साही क्रिकेट खिलाड़ी भी रहे हैं और वे मेरठ के कैलाश प्रकाश स्टेडियम में नियमित अभ्यास किया करते थे।
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बेटे की सफलता पर पिता हुए भावुक
तुषार की सफलता की खबर मिलते ही परिवार में खुशी का माहौल बन गया। उनके पिता शशिभूषण गिरि ने खुशी में घर पर ढोल-नगाड़े बजवाकर बेटे का जोरदार स्वागत किया। उन्होंने कहा कि एक पिता के लिए इससे बड़ा गर्व का क्षण नहीं हो सकता।

बेटे ने न केवल परिवार बल्कि अपने गांव, स्कूल और पूरे मेरठ का नाम रोशन किया है। तुषार की इस उपलब्धि के बाद परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों में खुशी की लहर है। सभी उनकी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प की सराहना कर रहे हैं।
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