मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इंटीग्रेटेड टाउनशिप परियोजना का भूमि पूजन और शिलान्यास किए जाने के बाद अब यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट तेजी से गति पकड़ने जा रहा है। यह प्रदेश की पहली इंटीग्रेटेड टाउनशिप होगी।
इसमें चौड़ी सड़कों और आसपास के गांवों से बेहतर कनेक्टिविटी के लिए फीडर मार्गों का निर्माण प्रस्तावित है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एनसीआरटीसी) द्वारा ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) प्लान के अंतर्गत जोनल प्लान तैयार किया गया है।
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इस इंटीग्रेटेड टाउनशिप में आवासीय, व्यावसायिक, शैक्षिक, ग्रुप हाउसिंग, अस्पताल, हेल्थ क्लब आदि के लिए अलग-अलग प्लॉट विकसित किए जाएंगे। योजना में उच्च आय, मध्यम आय, अल्प आय और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्लूएस) के लिए मकान और प्लॉट का प्रावधान है। निजी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए ग्रुप हाउसिंग के बड़े प्लॉट भी शामिल किए गए हैं। मेडा स्वयं और निजी भागीदारी के माध्यम से इस परियोजना को विकसित करेगा।
महायोजना 2031 में बढ़ा शहर का दायरा
नमो भारत रैपिड रेल के दिल्ली रोड व रूड़की रोड के कॉरीडोर पर स्पेशल डेवलपमेंट एरिया और टीओडी जोन विकसित होने हैं। परतापुर और मोदीपुरम में क्रमशः 288.79 हेक्टेयर और 457.06 हेक्टेयर क्षेत्र में स्पेशल डेवलपमेंट एरिया (एसडीए) घोषित किया गया है।
टीओडी नीति के अंतर्गत आरआरटीएस कॉरिडोर के 1.5 किमी क्षेत्र और स्टेशन के 500 मीटर दोनों ओर के इलाके को विकास में प्राथमिकता दी गई है। इसमें इंफ्लुएंस जोन (आईजेड) भी शामिल हैं, जहां मिश्रित भू-उपयोग की नीति के तहत व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। मेडा उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना ने बताया कि जमीन खरीद के साथ ही हदबंदी कर कब्जा लिया जा रहा है। एनसीआरटीसी इसका ले आउट तैयार कर रहा है। इसमें हर वर्ग के लिए भूखंड और प्लॉट होंगे।