रुद्रपुर में 2016 में हुए चर्चित छोटे प्रधान हत्याकांड का मेरठ निवासी सुपारी किलर गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी को पुलिस ने नौ साल बाद ऊंटपड़ाव से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने 2017 में पीरूमदारा क्षेत्र के हल्दुआ में चेकिंग कर रही पुलिस टीम पर भी फायरिंग की थी। उस पर 10 हजार रुपये का इनाम था।
शुक्रवार को रामनगर कोतवाली में कोतवाल अरुण कुमार सैनी और एसटीएफ के निरीक्षक एमपी सिंह ने बताया कि मेरठ के थाना हस्तिनापुर के मनतारापुर गांव निवासी गुरप्रीत सिंह ने वर्ष 2016 में रुद्रपुर में छोटे प्रधान हत्याकांड को अंजाम दिया था। उसके बाद वर्ष 2017 में रामनगर में हल्दुआ के समीप चेकिंग कर रहे तत्कालीन चौकी प्रभारी सुनील राठी और उनकी टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की थी। कोर्ट से भगौड़ा घोषित होने पर वह विदेश भाग गया था।
सूचना मिली थी कि आरोपी रामनगर के ऊंटपड़ाव क्षेत्र में किसी से मिलने आया हुआ है। एसटीएफ ने रामनगर पुलिस को साथ लेकर नाकाबंदी करते हुए ऊंटपड़ाव के पास गुरप्रीत को गिरफ्तार कर लिया। उसकी गिरफ्तारी की सूचना राज्य व पंजाब के विभिन्न थानों में दी गई।
आरोपी पर दर्ज हैं हत्या सहित छह मुकदमे
एसटीएफ के निरीक्षक एमपी सिंह ने बताया कि आरोपी पर रुद्रपुर, रामनगर और पंजाब के मोहाली व अमृतसर में हत्या, जान से मारने के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट व आर्म्स एक्ट के 6 मुकदमे दर्ज हैं। संबंधित थानों से उसकी गिरफ्तारी के बाद जमानत में छूटने पर वह फरार हो गया था और विदेश भाग गया था। रामनगर व रुद्रपुर न्यायालय व पंजाब के दो न्यायालयों ने उसे भगोड़ा घोषित करते हुए उसकी गिरफ्तारी के वारंट जारी किए थे।
शूटर पेशेवर भाड़े का हत्यारा है : कोतवाल
कोतवाल अरुण कुमार सैनी ने बताया कि पकड़ा गया गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी पेशेवर हत्यारा है। वर्ष 2016 में रुद्रपुर में अपने साथियों के साथ मिलकर इसने दिनदहाड़े छोटे लाल नामक प्रधान की हत्या कर दी थी।
गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी पर मेरी ओर से भी इनाम घोषित किया गया था। शुक्रवार को जिला जनपद पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त अभियान के तहत उसकी गिरफ्तारी की। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया है।
- प्रहलाद नारायण मीना, एसएसपी