प्रशिक्षण के बाद पीड़ित ने जब वहां के अधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिखाया तो उन्होंने इसे फर्जी बता दिया। आरोप है कि इस गिरोह में दाऊद और बिलाल नाम के दो युवकों के साथ दो सरकारी महिला कर्मचारी भी शामिल हैं। महिला कर्मचारी में से एक लखनऊ में सहकारिता प्रबंधन केंद्र में और दूसरी मेरठ में तैनात है।
ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने आरोपियों से अपने रुपये वापस मांगे तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और अपने रुपये वापस दिलाने की मांग एसएसपी से की। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
संपत्ति हड़पने के लिए भाई-बहन का फर्जी बैंक खाता खोला
माता-पिता की मौत के बाद मामा के घर रह रहे भाई-बहन की संपत्ति हड़पने के लिए उनका फर्जी बैंक खाता खोल लिया गया। पीड़ित ने अपने चाचा पर शक जाहिर करते हुए शिकायती पत्र दिया था। भावनपुर क्षेत्र के गांव राली चौहान निवासी भव्य प्रताप ने एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि माता-पिता की मौत के बाद वह और उसकी बहन गाजियाबाद के कवि नगर में अपने मामा के यहां रहते हैं।
राली चौहान में उनकी जमीन को फर्जी तरीके से बेचने की कोशिश की जा रही है। उन्हें अपने चाचा पुनीत प्रताप पर शक है। आरोप है कि फर्जीवाड़े के लिए भाई-बहन के नाम से एक बैंक खाता खोला गया है। एसएसपी के आदेश पर भावनपुर थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है।