पहले एनसीआर मेडिकल कॉलेज, फिर जगदंबा अस्पताल में भर्ती
मिथुन को पहले एनसीआर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे मेरठ रेफर कर दिया। इसके बाद उसे जगदंबा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पुलिस की निगरानी में उपचार चल रहा है। सीओ किठौर विश्व ज्योति राय के अनुसार मिथुन की हालत फिलहाल ठीक बताई जा रही है।
बाइक चोरी की जांच में सामने आए मोहित और मनीष के नाम
सीओ के मुताबिक करीब एक सप्ताह पहले नयागांव निवासी राजीव की बाइक चोरी हुई थी। उसकी तहरीर पर पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल के दौरान भोजपुर थाना क्षेत्र के ईसापुर गांव निवासी मोहित और मनीष के नाम सामने आए।
जांच में पता चला कि वारदात वाले दिन दोनों युवकों ने पास की एक दुकान से सामान खरीदा था और ऑनलाइन भुगतान किया था। पुलिस ने दुकानदार से पूछताछ कर उसके डिजिटल वॉलेट की जांच की, जिसके आधार पर दोनों की पहचान हुई। सोमवार रात दोनों को हिरासत में लिया गया।
चोरी की बाइक मिथुन तक पहुंचने का दावा
पुलिस पूछताछ में मोहित और मनीष के बारे में बताया गया कि उन्होंने चोरी की बाइक बेच दी थी। पुलिस के अनुसार बाइक गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के नूरपुर निवासी मिथुन तक पहुंची।
मिथुन ने अस्पताल में पुलिस को बताया कि मोहित और मनीष ने चोरी की बाइक उसके एक रिश्तेदार को दी थी। रिश्तेदार ने ही बाइक उसके पास रखी थी। बाद में रिश्तेदार ने बताया कि बाइक चोरी की है। मिथुन के अनुसार रिश्तेदार के कहने पर उसने बाइक काटकर उसके पुर्जे तालाब में छिपा दिए।
काटी गई बाइक के पुर्जे बरामद
सीओ विश्व ज्योति राय के मुताबिक मिथुन की निशानदेही पर उसके भाई को साथ लेकर पुलिस ने तालाब से चोरी की बाइक के कुछ पुर्जे बरामद किए हैं। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
पुलिस पर भी उठे सवाल
बाइक चोरी की घटना के बाद प्राथमिकी दर्ज करने में देरी को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। पुलिस ने सोमवार रात 1:17 बजे मोहित, मनीष कुमार और मिथुन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। इसके बाद तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
चौकी प्रभारी निलंबित
एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि घटना में लापरवाही सामने आने के बाद एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने धीरखेड़ा चौकी प्रभारी एसआई हरिओम गौतम को निलंबित कर दिया है। सीओ किठौर विश्व ज्योति राय मामले की जांच कर रहे हैं। सीओ ने कहा कि यदि किसी अन्य पुलिसकर्मी की लापरवाही भी सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
हिरासत में सुरक्षा व्यवस्था पर जांच
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हिरासत में लिए गए आरोपी तक टॉयलेट क्लीनर कैसे पहुंचा और निगरानी के दौरान किन स्तरों पर लापरवाही हुई। घटना के बाद चौकी की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिसकर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।