मेडिकल कॉलेज से नवजात का अपहरण करने वाली महिला सुरैया बच्चा न होने पर ससुराल वालों के तानों से परेशान थी। इसके कारण वह किराए का मकान लेकर ससुरालियों अलग रहती थी।
इसी दौरान उसने बच्चा चुराने की प्लानिंग की। महिला पहले पति को छोड़ चुकी है। उसका दूसरा पति ट्रक ड्राइवर है।
उधर आरोपी महिला की बहन मुंडाली के अजराड़ा निवासी किसान आसिफ की पत्नी गर्भवती थी। उसके बारे में सुरैया लगातार जानकारी कर रही थी।
आसिफ की पत्नी ने तीन फरवरी को मेडिकल कॉलेज में बच्चे को जन्म दिया था। सुरैया सुबह से ही उसकी देखरेख में लगी थी।
दोपहर के समय जच्चा-बच्चा को प्रथम तल पर वार्ड में लाया गया। इसी दौरान आरोपी महिला नवजात को लेकर गायब हो गई। आसिफ ने शोर मचाते हुए कर्मचारियों को सूचना दी।
अपहरण के बाद मेडिकल पुलिस ने भी मौके पर जांच की, लेकिन नवजात का सुराग नहीं लगा। मेडिकल थाने में आसिफ ने अपहरण का केस दर्ज कराया।
बच्चा चोरी करने से तीन दिन पहले ही वह प्लानिंग कर रही थी। इसके चलते वह कई बार मेडिकल कॉलेज गई। तीन फरवरी को मेडिकल कॉलेज से बच्चा लेकर भागने के बाद रात में अपने घर पहुंची।
पति को फोन करके बताया कि उसने बेटे को जन्म दिया है। आसपास की महिलाओं को भी यही बताया। अगले ही दिन वह नवजात को घर से बाहर ले गई। शनिवार को ही नवजात को लेकर किराए के घर में पहुंची थी।
एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह ने बताया कि सुरैया अपने पति के साथ लिसाड़ीगेट के मोबीननगर में किराए के मकान में रहती है। पति आसिफ ट्रक ड्राइवर है। पिछले छह माह से घर नहीं आया है।
पुलिस ने आसपास की महिलाओं से पूछताछ की तो पता चला कि सुरैया दो माह से पेट पर कपड़े लपेटकर बेल्ट बांधती थी। महिलाओं को बताती थी कि वह गर्भवती है। उसने यह बात पति को भी फोनकर बताई थी।