सपा नेता डॉ. दिग्विजय भाटी, अवनीश गुर्जर, प्रिंस प्रधान ने कहा कि मुलायम सिंह यादव के राजनीति में योगदान की विद्यार्थियों को जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब अन्य महापुरुषों के नाम पर शोधपीठ बन सकती हैं तो मुलायम सिंह यादव के नाम से क्यों नहीं। विवि में कांशीराम शोधपीठ और पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ बनी हुई है। लोकसभा चुनावों के बाद बागपत सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के नाम पर शोधपीठ स्थापित करने का प्रस्ताव दिया था।
इसके बाद ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर ने धनसिंह कोतवाल शोधपीठ का प्रस्ताव दे दिया। विवि ने दोनों जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव स्वीकार कर स्थापना को मंजूरी दे दी थी। इसलिए अब मुलायम सिंह यादव को लेकर भी अनुमति दी जानी चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो सैकड़ों छात्र अपनी उंगलियां काटेंगे।