कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि अगले दो से तीन दिनों तक मौसम का मिला-जुला असर बना रहेगा। आसमान में बादलों की आवाजाही होगी और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है। इसके बावजूद लोगों को उमस से तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के अनुसार बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं वायु गुणवत्ता सूचकांक 185 दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक प्रदूषण की स्थिति को दर्शाता है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम उत्तर प्रदेश में मानसून की रफ्तार अभी धीमी बनी हुई है। नियमित बारिश शुरू होने के बाद ही गर्मी और उमस से वास्तविक राहत मिलने की उम्मीद है।