बारिश से मौसम सुहाना। सांकेतिक तस्वीर।
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सोमवार की सुबह से ही आसमान पर बादलों का डेरा रहा, जिससे शहर से लेकर देहात तक कई स्थानों पर रिमझिम फुहारें पड़ीं। इस सुहावने मौसम के कारण पिछले कई दिनों से उमस भरी गर्मी और तेज धूप से परेशान लोगों को आखिरकार राहत मिली है। बादलों के कारण दिनभर धूप का असर कम रहा, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों ने राहत की सांस ली।
सुबह के समय मौसम ने अचानक करवट ली। काले बादलों के छाने के साथ ही कई इलाकों में हल्की बारिश शुरू हो गई। हालांकि बारिश का दौर बहुत तेज नहीं रहा, लेकिन रिमझिम फुहारों ने वातावरण को काफी ठंडा कर दिया। बाजारों, कॉलोनियों और ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इस खुशनुमा मौसम का आनंद लेते नजर आए। बच्चों ने भी बारिश की फुहारों का खूब लुत्फ उठाया।
बारिश के कारण सड़कों पर धूल कम हुई और वातावरण अपेक्षाकृत साफ महसूस हुआ। किसानों ने भी इस मौसम को अपनी फसलों के लिए बेहद लाभकारी बताया है। धान, मक्का, गन्ना और सब्जियों की खेती करने वाले किसानों का कहना है कि हल्की बारिश से फसलों को आवश्यक नमी मिलेगी और सिंचाई की आवश्यकता भी कुछ समय के लिए कम हो जाएगी।
मौसम में आए इस बदलाव का सकारात्मक असर वायु गुणवत्ता पर भी देखने को मिलेगा। वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषण के कण बारिश के कारण नीचे बैठ गए, जिससे एयर क्वालिटी इंडेक्स में गिरावट आने की संभावना है। इससे लोगों को स्वच्छ हवा मिलने के साथ-साथ सांस संबंधी परेशानियों से भी कुछ राहत मिल सकती है।
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि वर्तमान में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं। अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने और बीच-बीच में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। उन्होंने आगे बताया कि इसी कारण तापमान सामान्य से कम रहेगा और लोगों को उमस भरी गर्मी से लगातार राहत मिलती रहेगी। यह मौसम परिवर्तन न केवल जनजीवन के लिए सुखद है, बल्कि कृषि क्षेत्र के लिए भी वरदान साबित हो रहा है।
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