पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में ठंड ज्यादा पड़ रही है। शीतलहर ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 18 जनवरी तक राहत के आसार नहीं हैं, उसके बाद तापमान बढ़ सकता है।
पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर जिले में भी महसूस हो रहा है। मेरठ में रात को शिमला और मसूरी जैसी सर्दी पड़ रही है। रात का तापमान सामान्य से नीचे आ गया है। ठंडी रात ने 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 13 जनवरी मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 16.1 डिग्री और रात न्यूनतम तापमान 3.1 डिग्री दर्ज किया गया है। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम शमीम का कहना है कि 18 जनवरी तक ठंड से राहत के आसार नहीं है। इसके बाद दिन का अधिकतम तापमान बढ़ सकता है।
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मैदानी इलाकों में कोहरे और सर्दी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। घने कोहरा और शीत लहर से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह और रात को घना कोहरा छाने से दृश्यता कम हो रही है। इससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डॉ. एम शमीम का कहना है कि इन दिनों सामान्य तापमान न्यूनतम 8 से 10 डिग्री अधिकतम 18 से 20 डिग्री होना चाहिए। लेकिन तापमान सामान्य से काफी कम चल रहा है।
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि लगातार ठंड का प्रकोप जारी है। लंबे समय बाद जनवरी माह में ऐसी ठंड पड़ी है। बाजारों चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव का सहारा लेते लोग नजर आ रहे हैं। ठंड का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों बच्चों और गरीब तबके पर पड़ रहा है। रैनबसेरों में भीड़ बढ़ गई है। जबकि कई स्थानों पर लोग खुले में ठंड सहने को मजबूर हैं।
275 दर्ज किया गया प्रदूषण
एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण अभी भी खराब श्रेणी में चल रहा है। बुधवार को मेरठ का एक्यूआई 275 दर्ज किया गया है। यह भी लाल श्रेणी में आता है। इस बार सबसे ज्यादा हवा खराब रही है। इसके अलावा गंगानगर 189, जयभीमनगर 328, पल्लवपुरम 309, बेगमपुल 332, दिल्ली रोड 322 दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा प्रदूषित क्षेत्र बेगमपुल रहा है, यहां का एक्यूआई सबसे ज्यादा खराब रहा है।